रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, सौंपा मांगों का पुलिंदा

विद्युत ने सबसे पहले टाटा से बक्सर तक सीधी रेल सेवा प्रारंभ करने की मांग पर चर्चा की। कहा कि यह जनहित में अत्यंत आवश्यक है। झारखंड अविभाजित बिहार का हिस्सा था। इस कारण जमशेदपुर और आसपास में काफी संख्या में उत्तर बिहार के लोग निवास करते हैं।

Rakesh RanjanPublish: Fri, 23 Jul 2021 11:53 AM (IST)Updated: Fri, 23 Jul 2021 07:48 PM (IST)
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, सौंपा मांगों का पुलिंदा

जमशेदपुर, जासं। मानसून सत्र के दौरान जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो संसद भवन में ही नए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले। इस दौरान उन्होंने ना केवल जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के रेलवे से संबंधित मांगों का पुलिंदा सौंपा, बल्कि रेल मंत्री से हर बिंदु पर विस्तृत चर्चा की। विद्युत ने सबसे पहले टाटा से बक्सर तक सीधी रेल सेवा प्रारंभ करने की मांग पर चर्चा की।

कहा कि यह जनहित में अत्यंत आवश्यक है। झारखंड अविभाजित बिहार का हिस्सा था। इस कारण जमशेदपुर और आसपास में काफी संख्या में उत्तर बिहार के लोग निवास करते हैं। बक्सर तक सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण उस क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। रेल मंत्री ने अपने निजी सचिव को आदेश दिया कि इस संबंध में उन्हें विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं और अबतक हुई कार्रवाई से भी अवगत कराएं, ताकि इसका निदान निकाला जा सके। इसके अतिरिक्त सांसद ने टाटा से जयनगर, टाटा से भागलपुर, पुरूषोत्तम एक्सप्रेस का जयपुर तक विस्तार सहित टाटा से बेंगलुरू तक नई रेल सेवा की मांग की। इसके साथ ही साथ उन्होंने कांड्रा-नामकुम रेल लाइन शुरू करने और झारखंड की राजधानी रांची में नया रेलवे जोनल मुख्यालय बनाने की मांग प्रमुखता से रखी। सांसद ने अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में पांच ज्ञापन सौंपा, जो इस प्रकार है।

टाटा से बक्सर या पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक सीधी ट्रेन

सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि झारखंउ के जमशेदपुर सहित आसपास के कई शहर अविभाजित बिहार का एक अभिन्न अंग रहा था। यही कारण है कि यहां उत्तर बिहार व पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग काफी संख्या में निवास करते हैं। इस बड़ी आबादी के लिए बक्सर या पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के मार्ग में कोई सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है। इससे इन क्षेत्रों के यात्रियों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मैंने पूर्व में भी अनेक बार पत्राचार किया है। इस विषय को रेलवे के विभिन्न स्तरों पर भी रखा गया है। इस संबंध में हर बार विभिन्न प्रकार की समस्या को रेलवे के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन अबतक इसका समाधान नहीं हो पाया है। इस संबंध में निम्नांकित रेल सेवाओं का विस्तार बक्सर या पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक किया जा सकता है।

  • टाटा दानापुर ट्रेन संख्या 18183/18184
  • साउथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 13287/13288
  • पटना बिलासपुर ट्रेन संख्या 22844,

टाटा से जयनगर वाया दरभंगा

नई रेल सेवा प्रारंभ करने के संबध में सांसद ने कहा कि टाटानगर (झारखंड) से जयनगर (बिहार) वाया दरभंगा तक सीधी रेल सेवा शुरू की जाए। गत 25 वर्ष से मेरे लोकसभा क्षेत्र में रहने वाले लगभग चार लाख लोग जो दरभंगा सकरी, निर्मली, सुपौल, सहरसा व नेपाल के तराई क्षेत्रों तक के लोग मांग कर रहे हैं। यदि किसी प्रकार की तकनीकी अड़चन हो तो पुरी-जयनगर-पुरी (18419 /18420) ट्रेन को खड़गपुर की जगह हिजली-टाटानगर होकर चलाया जाए।

टाटानगर-भागलपुर

टाटानगर से भागलपुर तक रेल सेवा का परिचालन पुनः प्रारंभ किया जाए। इस ट्रेन की समय सारिणी गलत होने के कारण यह ट्रेन लोगों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पाई। अतः सही समय सारिणी से इसे पुनः प्रारंभ किया जाए या टाटानगर से आसनसोल इंटरसिटी एक्सप्रेस, जो सप्ताह में तीन दिन चलती है, उसे बढ़ाकर टाटानगर से भागलपुर वाया किउल, जमालपुर, सुल्तानगंज होते हुए भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस किया जाए।

पुरूषोत्तम का विस्तार जयपुर तक हो

पुरूषोत्तम एक्सप्रेस (भुवनेश्वर से नई दिल्ली) का जयपुर तक विस्तार हो। विदित हो कि झारखंड में रांची के कार्यक्रम में रेल मंत्री द्वारा यह घोषणा की गई थी कि जल्द ही इस पर अमल किया जाएगा, लेकिन अब तक नहीं हो पाया है। यदि इसमें किसी प्रकार की तकनीकी अड़चन हो तो हावड़ा से जयपुर जाने वाली ट्रेनों में से दो ट्रेन को वाया टाटानगर चलाया जाए।यह इस क्षेत्र के लाखों लोगों की वर्षों पुरानी मांग है। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर तत्काल रेलवे बोर्ड को प्रेषित किया जाए।

ये मांगें भी कम महत्वपूर्ण नहीं

  • टाटा से बेंगलुरू तक एक नई सुपरफास्ट ट्रेन सेवा प्रारंभ किया जाए।
  • टाटा से भुवनेश्वर तक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन की शुरूआत की जाए।
  • पटना बिलासपुर साप्ताहिक ट्रेन का मुगलसराय तक विस्तार।
  • टाटा से दीघा तक नई मेमू ट्रेन की शुरुआत की जाए।
  • उत्कल एक्सप्रेस का ठहराव राखामाइंस स्टेशन पर किया जाए।
  • शालीमार-गोरखपुर ट्रेन को सप्ताह में दो बार चलाया जाए।
  • उत्कल एक्सप्रेस का ठहराव राखामाइंस स्टेशन पर किया जाए
  • टाटा रांची मेमू ट्रेन का चाकुलिया तक विस्तार।
  •  झारखंड के रांची में नया रेलवे जोन बनाया जाए।

इन स्थानों पर बने हॉल्ट

  • खड़गपुर रेल मंडल के अंतर्गत धालभूमगढ़ व कोकपाड़ा के बीच बड़कोला में हॉल्ट निर्माण की मांग काफी लम्बे समय से हो रही है। बड़कोला में हॉल्ट निर्माण की जनहित में अत्यंत आवश्यकता है। उक्त हॉल्ट का निर्माण होने से मजदूर तथा आम जनता को काफी सुविधा होगी।
  • टाटानगर बादामपहाड़ रेल खंड में हल्दीपोखर स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। इस रेल खंड का यह प्रमुख पड़ाव है। इसलिए हल्दीपोखर स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा दिया जाए और सारी सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

नई रेलवे लाइन बने

  • चांडिल-बोड़ाम-पटमदा-कटिन-बांदवान होते हुए झाड़ग्राम के लिए नई रेलवे लाइन के सर्वे का काम पूरा हो गया है। इसका निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
  • झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत चाकुलिया प्रखंड के बुड़ामारा से बहरागोड़ा होते हुए बांगरीपासी (ओडिशा) तक नई रेलवे लाइन के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाए।
  • कांड्रा नामकुम रेलवे लाइन, जिसके सर्वेक्षण का कार्य पूर्व में भी किया जा चुका है, के निर्माण कार्य से संबंधित प्रक्रिया को अविलंब पूरा किया जाए।
  • टाटा बादामपहाड़ रेल खंड पर रेलवे लाइन का दोहरीकरण किया जाए तथा इस रेल खंड पर रेल संबंधी सेवाओं में बढ़ोत्तरी की जाए।

 

Edited By Rakesh Ranjan

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