IRCTC, Indian Railways : अब आपके इलाके का मेमू ट्रेन में भी होगा फूलफ्रूफ सेफ्टी, जानिए और क्या है खास

IRCTC Indian Railways भारतीय रेल हमेशा से यात्रियों की सुरक्षा का ख्याल रखती आ रही है। अब आपके इलाके के पैसेंजर ट्रेन यानी मेमू ट्रेन में भी फूलप्रूफ सेफ्टी का इंतजाम होगा ताकि दुर्घटना के समय कम से कम नुकसान होगा। जानिए इन कोचों की क्या है खासियत...

Jitendra SinghPublish: Sat, 04 Dec 2021 09:45 AM (IST)Updated: Sat, 04 Dec 2021 09:45 AM (IST)
IRCTC, Indian Railways : अब आपके इलाके का मेमू ट्रेन में भी होगा फूलफ्रूफ सेफ्टी, जानिए और क्या है खास

जमशेदपुर : भारतीय रेल समय के साथ अपने आपको अपग्रेड कर रही है। वर्तमान में यात्री ट्रेनों को पारंपरिक डिब्बों को एलएसएस कोच में तब्दील किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी तरह की दुर्घटना हो तो ट्रेन के डिब्बे आपस में चिपके नहीं और कम से कम यात्री प्रभावित हो। इसी तरह रेलवे अपने मेमू पैसेंजर कोच में भी बदलाव कर रही है।

रेलवे ने ईथरनेट आधारित ट्रेन नियंत्रण और प्रबंधन प्रणाली (टीसीएमएस) सुविधा युक्त मेमू ट्रेन तैयार की है जो जो आरडीएम (रेस्क्यू ड्राइव मोड) सुविधा के अलावा सटीक ट्रेन नियंत्रण प्रदान करता है। जो ट्रेन नेटवर्क में किसी भी विफलता के मामले में ट्रेन की गति को 60 किमी प्रति घंटे तक सीमित करता है।

भारतीय रेलवे ने पहली बार तीसरे चरण का मेमू रेक तैयार किया है। रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला ने आसनसोल मेमू शेड, पूर्वी रेलवे के लिए 12 डिब्बों वाले पहले 3 फेज के मेमू रेक की शुरुआत की। रेल कोच फैक्ट्री ने बयान जारी कर बताया है कि इन कोचों को परीक्षण के बाद सेवा में लगाया जाएगा। कोचों में बिजली की व्यवस्था भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) द्वारा प्रदान की गई है। पारंपरिक मेमू कोचों की तुलना में, इन कोचों में बेहतर स्टेनलेस स्टील की बॉडी होती है।

एर्गोनॉमिक रूप से किया गया है डिजाइन

रेल प्रबंधन के अनुसार मेमू रैक के ड्राइवर मोटर कोच में एसी ड्राइवर कैब के साथ एरोडायनामिक नोज फ्रंट के साथ-साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिज़ाइन किया गया है और इसमें ड्राइवर डेस्क की भी है। इन कोचों की एक प्रमुख विशेषता यह है कि ये पारंपरिक मेमू कोचों की तुलना में कम मेंटेनेंस वाले हैं।

तकनीकी प्रतिभा में उत्कृष्टता के अलावा, तीसरे चरण के एमईएमयू उत्कृष्ट यात्री सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। इनमें से प्रत्येक कोच में एफआरपी पैनलिंग, चौड़ी खिड़कियां, कुशन वाली सीटें, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट और स्लाइडिंग दरवाजे के साथ सुंदर आंतरिक सज्जा भी है। साथ ही, आपात स्थिति में प्रत्येक कोच में 50 प्रतिशत रोशनी की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कोच में रोशनी के लिए बेहतर एलईडी लाइट की भी फिटिंग की गई है।

जीपीएस सिस्टम से है लैस

रेलवे द्वारा डिजाइन इस नए जनरेशन के मेमू में जीपीएस लोकेटर की भी सुविधा है जो यात्रियों को पब्लिक एड्रेस एंड पैसेंजर इंफोरमेशन सिस्टम (पीएपीआईएस) से लैस होगा। इसमें स्क्रीन डिस्प्ले के साथ-साथ प्रत्येक कोच में लाउड स्पीकर शामिल हैं, जो यात्रियों को रास्ते में रेलवे स्टेशनों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

साथ ही, सुरक्षित यात्रा के लिए नेटवर्किंग सुविधाओं के साथ सीसीटीवी भी लगाया गया है जो यात्रियों की हर गतिविधि की निगरानी करेगा। इसके अलावा प्रत्येक ट्रेलर कोच में बायो टैंक के साथ दो शौचालय भी बनाए गए हैं। पारंपरिक मेमू कोचों की तुलना में नए मेमू कोचों में यात्री ले जाने की क्षमता अधिक होती है। प्रत्येक ड्राइविंग मोटर कोच में 226 यात्री सवार हो सकते हैं, जबकि ट्रेलर कोच 325 यात्रियों को ले जा सकता है। इनमें यात्री की क्षमता लगभग 30 प्रतिशत बढ़ाई जा सकती है।

Edited By Jitendra Singh

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