Saraikela News: बीस माह का बकाया मानदेय शीघ्र नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करेंगी जलसहिया

जल सहियाओं ने कहा कि पिछली रघुवर सरकार में हमें ससमय मानदेय दिया जा रहा था परंतु जब से हेमंत सरकार बायी एक बार भी मानदेय नहीं दिया गया। जल सहियाओं ने 20 माह का मानदेय शीघ्र नहीं मिलने पर जिला मुख्यालय में आमरण अनशन करने का निर्णय लिया।

Rakesh RanjanPublish: Thu, 02 Dec 2021 05:27 PM (IST)Updated: Thu, 02 Dec 2021 05:27 PM (IST)
Saraikela News: बीस माह का बकाया मानदेय शीघ्र नहीं मिला तो अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करेंगी जलसहिया

जागरण संवाददाता, सरायकेला: लड़की हूं लड़ सकती हूं, अपने हक के लिए जान भी दे सकती हूं...ये जज्बात है, उन सभी जलसहियाओं का जिन्हें सरकार ने पिछले बीस माह से मानदेय नहीं दिया है जो अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही हैं। सरकार तक अपनी बातों को पहुंचाने के लिए आंदोलन कर रही हैं। राजनगर हाट मैदान में गुरुवार को झारखंड जलसहिया संघ राजनगर इकाई की बैठक अध्यक्ष संजू महतो की अध्यक्षता में हुई जिसमें पिछले 20 महीनों से जलसहियाओं के लंबित मानदेय को लेकर विचार- विमर्श किया गया।

जल सहियाओं ने कहा कि पिछली रघुवर सरकार में हमें ससमय मानदेय दिया जा रहा था परंतु जब से हेमंत सरकार बैठी जल सहियाओं को एक बार भी मानदेय नहीं दिया गया, जो दुर्भाग्य है। सरकार कहती है कि यह आपकी सरकार है, लेकिन हमारी सरकार में ही हम गांव घर की महिलाओं को ठगा जा रहा है। जलसहिया बहनें झारखंडी हैं और शिक्षित बेरोजगार हैं। हमारी सरकार में हमें इंसाफ नहीं मिलेगा तो हम किसके यहां जाएं। चुनाव के वक्त हेमंत सोरेन ने जल सहिया बहनों का मानदेय बढ़ाने का वादा किया था। जल सहियाओं ने खुशी -खुशी उनका समर्थन किया। परंतु सरकार ने हमें निराश किया है। 20 माह से मानदेय नहीं मिल रहा। हम किस हाल में गुजर बसर कर रहे हैं यह हम ही जानते हैं। अब सब्र का बांध टूट रहा है।

इनकी रही मौजूदगी

जल सहियाओं ने 20 माह का मानदेय शीघ्र नहीं मिलने पर जिला मुख्यालय में आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया। धन्यवाद ज्ञापन तारा मंडल ने दिया। बैठक में संघ के संरक्षक सह सांसद प्रतिनिधि विशु हेम्ब्रम, जिला अध्यक्ष मानी रानी मंडल, संगीता महतो, निवेदिता गोप, बसंती संवैया, बसंती मुर्मू, जमुना मुर्मू, गुमी, बानसिंह, सुखमति गोप, पदमा मुर्मू, सुशीला हंसदा, मोनिका सरदार, जोगा बानरा, छीता हांसदा, मीना हेम्ब्रम, सकरो टुडू, सीमा महतो, लक्ष्मी महतो, श्रीलता कुम्भकार, नंदी मेलगंडी, सुभद्रा सामड, प्रमिला टुडू, अनिता प्रधान, विमला महतो, देवला सोरेन, फूलकुमारी महतो, ऊषा महतो, अनिता हांसदा, दुली हांसदा आदि उपस्थित थीं।

Edited By Rakesh Ranjan

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