एचडीएफसी बैंक प्रबंधन के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप, कहा- हो रहा है श्रम कानूनों का उल्लंघन

झारखंड में एचडीएफसी की 60 से भी अधिक शाखाएं संचालित हैं। जहां साफ-सफाई का काम दलित व आदिवासी मजदूर करते हैं। इसके अलावा बैंक की सुरक्षा में भी काफी कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन इन कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन श्रम कानून व न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुरूप नहीं है।

Rakesh RanjanPublish: Sun, 23 Jan 2022 05:38 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 05:38 PM (IST)
एचडीएफसी बैंक प्रबंधन के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप, कहा- हो रहा है श्रम कानूनों का उल्लंघन

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : झारखंड में संचालित एचडीएफ बैंक अपने यहां कार्यरत साफ-सफाई कर्मचारी व सुरक्षा गार्ड में लगे कर्मचारियों को न तो न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करता है और न ही मजदूरी व सेवा शर्तों का अनुपालन करता है। झारखंड असंगठित मजदूर यूनियन के सचिव रमेश मुखी ने रविवार को आमबगान कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए यह आरोप लगाया।

बकौल रमेश मुखी, झारखंड में एचडीएफसी की 60 से भी अधिक शाखाएं संचालित हैं। जहां साफ-सफाई का काम दलित व आदिवासी मजदूर करते हैं। इसके अलावा बैंक की सुरक्षा में भी काफी कर्मचारी कार्यरत हैं। लेकिन इन कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन श्रम कानून व न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुरूप नहीं है। पिछले 15 वर्षों से काम करने वाले मजदूर और दो-तीन सालों के काम करने वाले मजदूर का वेतन समान है। मजदूरों के सेवा शर्तों का भी बैंक ने निर्धारण नहीं किया है। इसके अलावा इन्हें बैंक द्वारा पहचान पत्र, पेमेंट स्लिप, नियुक्ति पत्र, छटनी बेनीफिट, कैजुअल लीव, उप अर्जित छुट्टी सहित धार्मिक व राष्ट्रीय अवकाश भी नहीं मिलता।

समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

इन्हें पूरे माह 30 दिन काम कराया जाता है और अवकाश भी नहीं मिलता और न ही उसके बदले इन्हें वेतन दिया जाता है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि ठेका कर्मचारियों की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रेसवार्ता में उमेश मुखी, रामदास करूआ, नीरज मुखी, अमित ठाकुर, सावन, राजन, संतोष सहित अन्य उपस्थित थे।

श्रम कानून का नहीं मिलता है लाभ

रमेश मुखी का कहना है कि झारखंड में भले ही कर्मचारियों के हित व अधिकारियों की रक्षा के लिए कई तरह के कानून बने हैं लेकिन एचडीएफसी के ठेका कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलता है। इन ठेका कर्मचािरयों का बैंक प्रबंधन लंबे समय से आर्थिक शोषण कर रही है। इसकी शिकायत बैंक के चेयरमैन, झारखंड सर्किल के हेड सहित श्रम विभाग के उप मुख्य श्रमायुक्त को पत्र भेजकर समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।

Edited By Rakesh Ranjan

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम