Electric Vehicles : इलेक्ट्रिक व्हीकल में ऐसा लोचा कि सरकार भी कानून बनाने को मजबूर, आखिर माजरा क्या है...

Electric Vehicles हर नए आविष्कार के पीछे गुण के साथ अवगुण भी छिपा होता है। अब इलेक्ट्रिक व्हीकल को ही देखिए। पर्यावरण के अनुकूल इस वाहन में ऐसी समस्या है जिसे लेकर सरकार भी चिंतित है। मामला यहां तक पहुंचा कि केंद्र सरकार कानून बनाने की सोच रही है...

Jitendra SinghPublish: Thu, 16 Dec 2021 09:15 AM (IST)Updated: Thu, 16 Dec 2021 09:15 AM (IST)
Electric Vehicles : इलेक्ट्रिक व्हीकल में ऐसा लोचा कि सरकार भी कानून बनाने को मजबूर, आखिर माजरा क्या है...

जमशेदपुर : टाटा मोटर्स से लेकर एमजी तक इलेक्ट्रिक कार बना बाजार का रूख अपनी ओर मोड़ रही है। लेकिन ईवी के साथ ऐसा लोचा है कि सरकार भी चिंतित है। केंद्र सरकार कई बड़े-बड़े फैसले लेकर लोगों को चौंका रही हैं। ऐसे में ईवी से जुड़े यह फैसला भी ले सकती है। कहा जा रहा है कि इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। अब कभी भी इससे संबंधित फैसला लिया जा सकता है।

देश में जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ रही है, ऐसे में ईवी की कीमत, ड्राइविंग रेंज या बुनियादी ढांचे की चिंता के अलावा कुछ अन्य चिंताएं भी बनी हुई हैं। स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन बिना आवाज के चलने वाले होते हैं। ऐसे में अक्सर वे सड़क पर दूसरों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा करने के लिए भी जाने जाते हैं। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

सरकार उठा सकती है यह कदम

कहा जा रहा है कि तेजी से बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इससे सरकार नए कदम उठाने को मजबूर दिख रही हैं। सरकार इलेक्ट्रिक कारों को सड़क पर दूसरों के लिए सुरक्षित बनाने के लिए कृत्रिम ध्वनि जोड़ने पर विचार कर रही है। ताकि सड़क पर चलने वाले राहगीरों को इलेक्ट्रिक वाहन आने की आवाज सुनाई दे।

आर्टिफिशियल साउंड हो सकता है शामिल

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत सरकार ने इससे संबंधित विभागों को विशेष तौर पर दिशा-निर्देश दिया है। ताकि इस बारे में संभावनाएं तलाशा जा सकें। यदि इस कदम को हरी झंडी मिल जाती है, तो इलेक्ट्रिक वाहनों में कृत्रिम ध्वनि के प्रभावों का आकलन किया जाएगा। इससे पता चल सकेगा कि ध्वनि प्रदूषण में कितनी कमी आई है। नए नियमों के तहत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए आवाज पैदा करने वाली मशीनें लगाना अनिवार्य किए जाने की संभावना है।

एवीएएस का इस्तेमाल

आवाज पैदा करने वाली मशीनों को अकॉस्टिक व्हीकल अलर्ट सिस्टम (एवीएएस) कहे जाने की संभावना है। इसका इस्तेमाल आइसीइ वाहन भी करते हैं। जब वे गाड़ी को बैक कर रहे होते हैं और इससे पीछे खड़े लोगों को एक खास तरह की आवाज के जरिए सतर्क किया जाता है।

कई देशों में बना कानून

इससे संबंधित कई देशों में कानून बन चुका है। इसके तहत चालकों को अपने वाहनों में कृत्रिम ध्वनि जोड़ने की जरूरत पड़ती है। ताकि ईवी के सड़क पर चलने पर लोगों को इसका पता चल सकें कि किधर से आ रही है। अमेरिका या यूके जैसे देशों में, सरकारों ने पहले से ही स्टैंडर्ड निर्धारित किए हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों से कितनी आवाज निकलनी चाहिए।

कृत्रिम ध्वनि शामिल किए जाने के बाद भी, इलेक्ट्रिक वाहन के पारंपरिक वाहनों की तुलना में ज्यादा शांति से चलने की संभावना है। कहा जा रहा है कि इसे लागू करने की तैयारी पर मंथन हो रही है। अलग-अलग विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। उसके बाद सरकार फैसला लेगी।

Edited By Jitendra Singh

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