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Tata Group : टाटा संस में इक्विटी हिस्सेदारी गिरवी रखकर 8,000 करोड़ जुटाएंगे साइरस मिस्त्री

Ratan Tata-Cyrus Mistry टाटा संस से बाहर का रास्ता देखने वाले साइरस मिस्त्री की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में शापूरजी पालोनजी ग्रुप ने यूरेका फोर्ब्स को 4400 करोड़ में बेच दिया। यह ग्रुप अब 8000 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है।

Jitendra SinghThu, 23 Sep 2021 09:10 AM (IST)
Tata Group : टाटा संस में इक्विटी हिस्सेदारी गिरवी रखकर 8,000 करोड़ जुटाएंगे साइरस मिस्त्री

जमशेदपुर, जासं। शापूरजी पालोनजी (एसपी) समूह टाटा संस में इक्विटी की हिस्सेदारी गिरवी रखकर 8000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। बताया जाता है कि सिंगापुर की फरलॉन कैपिटल के साथ मिलकर अपने शेयरों का एक हिस्सा गिरवी रखने की बात अंतिम चरण में पहुंच गई है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि बस कुछ हफ्तों में यह बात सामने आ जाएगी। वैसे इस संबंध में एसपी या फरलॉन की आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

बहरहान, शापूरजी पालोन जी ग्रुप की टाटा संस में 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इससे पहले 2020 में एसपी ग्रुप ने घोषणा की थी कि वह टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी से बाहर निकल जाएगी। इसकी मुख्य वजह टाटा संस के चेयरमैन के रूप में साइरस मिस्त्री के निष्कासन को लेकर टाटा संस व एसपी ग्रुप के संबंध बिगड़ गए थे। इस बीच यह बात आई कि एसपी ग्रुप ने 18.37 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 1.78 लाख करोड़ रुपये का दावा किया है, लेकिन टाटा संस इससे सहमत नहीं है।

शापूरजी पालोनजी व रतन टाटा।

आर्थिक संकट से जूझ रहा शापूरजी पालोनजी ग्रुप

शापूरजी पालोनजी या एसपी ग्रुप इस समय काफी आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए एसपी ग्रुप हर उपाय कर रहा है। इसी कड़ी में खुद के ग्रुप को बचाए रखने के लिए ग्रुप ने हाल ही में अपनी बेहद मुनाफे वाली कंपनी यूरेका फोर्ब्स को बेच दिया।

4400 करोड़ में बेचा यूरेका फोर्ब्स

यूरेका फोर्ब्स को 4,400 करोड़ में ग्रुप ने बेच दिया। इसके बाद स्टर्लिंग एंड विल्सन सोलर और एफकान्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेचने की तैयारी चल रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि फरलॉन के साथ यदि एसपी ग्रुप की बात बन जाती है, तो समूह को काफी राहत होगी। वैसे इसमें अड़चन तब आ सकती है, जब टाटा संस शेयरों को गिरवी रखने पर आपत्ति जता दे।

टाटा संस ने रोक दी थी एसपी ग्रुप की राह

वर्ष 2020 में भी एसपी ग्रुप ने टाटा समूह में अपने शेयरों के बदले पूंजी जुटाने की मांग की थी। कनाडा के परिसंपत्ति प्रबंधक ब्रुकफील्ड से 3,750 करोड़ रुपये जुटाने के लिए समझौता भी कर लिया था, लेकिन तब तक टाटा संस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कर दी थी। मार्च 2021 में दिए गए अंतिम फैसले ने साइरस मिस्त्री को बहाल करने वाले एक न्यायाधिकरण के फैसले को खारिज कर दिया था। वैसे एसपी ग्रुप यही मानकर चल रहा है कि शेयरों को गिरवी रखने में कोई समस्या नहीं आएगी।

वकील की राय, शेयर बेचने या गिरवी रखने पर कोई आदेश नहीं

इस संबंध में मुंबई के वकील राहुल कामेरकर का बयान आया था, जिसमें उन्होंने कहा है कि एसपी ग्रुप पर टाटा के अधीन किसी शेयर को बेचने या गिरवी रखने पर अदालत के आदेश में रोक नहीं है। सितंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित किया था कि शापूरजी पालोनजी द्वारा गिरवी रखे गए टाटा शेयरों के संबंध में यथास्थिति बनाई रखी जाए। इसने गिरवी रखे शेयरों की वैधता को प्रभावित नहीं किया, लेकिन इसने एसपी को और शेयर गिरवी रखने से रोक दिया। अंतरिम आदेश मुख्य मामले के लंबित रहने तक ही लागू रहते हैं। अब चूंकि मार्च में मुख्य मामले का निपटारा हो गया था, इसलिए अब एसपी ग्रुप को इसमें परेशानी नहीं होनी चाहिए।

दूसरे वकील की राय, कानून गुण-दोष पर ले सकता निर्णय

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता करण लाहिरी का बयान कुछ और कहता है। उनका कहना है कि अदालत इस मामले में गुण-दोष के आधार पर अलग निर्णय भी ले सकती है। एसपी ग्रुप ने तीन चीजों को नजरअंदाज किया था। इसमें पहली बात है कि यह ग्रुप के एकाउंट्स में ट्रांसफर नियमों के मुद्दे से जुड़ने में विफल होना है। दूसरी बात, इस बात को नजरअंदाज करता है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टाटा समूह की स्थिति का समर्थन किया था, जब उसने पिछले साल अंतरिम राहत दी थी। तीसरी मुख्य बात कि टाटा के गुण-दोष के आधार पर बर्खास्तगी के रूप में मानता है। अधिक व्यावहारिक रूप से एसपी ग्रुप अपने बाहर निकलने के विकल्प का प्रयोग करके मामले को निपटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के संकेत को समझने में विफल रहा है। अदालत को किसी भी पक्ष या उनकी कानूनी टीमों के विचारों का प्रतिनिधित्व करना है।

Edited By: Jitendra Singh

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