विवि के फैसले से छात्र संगठनों में रोष

लोगों को कैंपस एनयूएसआई और जेसीएम ने किया विरोध युवा कांग्रेस को भी आपत्ति छात्र नेता क

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 08:50 PM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 08:50 PM (IST)
विवि के फैसले से छात्र संगठनों में रोष

लोगों को कैंपस

एनयूएसआई और जेसीएम ने किया विरोध, युवा कांग्रेस को भी आपत्ति

छात्र नेता के विश्व विद्यालय परिसर में रोक लेकर बढ़ी नाराजगी

संवाद सहयोगी, हजारीबाग : विभावि प्रशासन द्वारा बार बार उत्पन्न हो रहे परेशानी को देखते हुए 12 जनवरी को बैठक वैसे छात्र नेताओं को तरजीह और वार्ता नहीं करने का पत्र जारी किया है जो कथित छात्र संघ का अपने आप को नेता बना विभावि आते है। इस बाबत 19 जनवरी को विभावि की ओर से कुलसचिव ने पत्र जारी कर इसकी जानकारी संबंधित सभी अधिकारी, विभाग और राजभवन के साथ साथ एसपी को भेजा है। इस पत्र के जारी होते ही विभावि में छात्र राजनीति गर्मा गयी। छात्र संगठन एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष अर्जुन जायसवाल, झामुमो छात्र मोर्चा के जिलाध्यक्ष लडडू यादव के अलावा युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश यादव ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। छात्र नेताओं ने इसे तुगलकी फरमान करार दिया है। कहा कि कुलपति की मनमानी चल सके इसलिए विभावि विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि से बातचीत करने से दूर भाग रहे है। हालांकि पत्र को लेकर विभावि ने खंडन करते हुए इस के मूल बातों पर जोर दिया। सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी डा. प्रमोद सिंह ने बताया कि अधिसूचना को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। विभावि छात्र हित से जुड़ी समस्याओं को लेकर लगातार बातचीत करता रहा है ताकि किसी भी तरह की विसंगति और भ्रम उत्पन्न ना हो सके। विभावि के जिस अधिसूचना को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है वह निराधार है । कहा कि यह स्पष्ट है कि वैसे कथित छात्र नेताओं को लेकर है जिनका छात्र संघ से कोई लेना देना है न कोई संबंध है।

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वापस नहीं हुआ निर्णय तो होगा आंदोलन : प्रकाश यादव

पूरे प्रकरण में कांग्रेस युवक मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रकाश यादव ने कहा कि कुलपति अपने फरमान वापस ले। विभावि ही नहीं कहीं भी छात्रहित के विरोध में जो भी निर्णय लिए जाते है उसका विरोध होता है। परंतु कुलपति विरोध को दबाने के लिए जान-बुझकर शब्दों के जाल में उलझाय रही है। वहीं झामुमो के लडडू यादव ने कहा कि अगर यह अधिसूचना रद्द नहीं की जाती है तो उग्र आंदोलन होगा। छात्रों की आवाज को कुंद नहीं किया जा सकता।

Edited By Jagran

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