बिजली संकट का असर, शहर में जलापूर्ति प्रभावित

फोटो सिर्फ दिन में ही हो रही है पानी की आपूर्ति बढ़ी लोगों की परेशानी संवाद सहयोगी हजा

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 08:10 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 08:10 PM (IST)
बिजली संकट का असर, शहर में जलापूर्ति प्रभावित

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सिर्फ दिन में ही हो रही है पानी की आपूर्ति, बढ़ी लोगों की परेशानी

संवाद सहयोगी हजारीबाग : डीवीसी की ओर से पिछले दो माह से बकाए बिल के भुगतान को लेकर कमांड एरिया में लोड शेडिग की जा रही है। हर दिन आठ से 12 घंटे तक की लोड शेडिग की जा रही है। बिजली की कम आपूर्ति का असर जनजीवन पर पड़ रहा है। इसका सीधा असर शहर की पेयजलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण अब शहरी क्षेत्र में सुबह-शाम की जगह एक ही समय जलापूर्ति हो रही है। पिछले चार दिनों से शाम में जलापूर्ति नहीं हो रही है। बताया जाता है कि बिजली कटौती के समय में परिवर्तन की वजह से ऐसा हुआ है। हर दिन शाम में चार से सात बजे तक शहरी क्षेत्र में बिजली नहीं रहती है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक छड़वा डैम स्थित नए व पुराने ट्रीटमेंट प्लांट से शहर के छह जलमीनारों के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। साथ ही झील से दो जलमीनारों से जलापूर्ति की जाती है। छड़वा डैम के पुराने ट्रीटमेंट प्लांट से छठ तालाब, पुराना बस स्टैंड एवं पीटीसी चौक के जलमीनारों को जलापूर्ति की जाती है। जबकि नए ट्रीटमेंट प्लांट से संत कोलंबस कॉलेज , बिहारी स्कूल एवं खिरगांव स्थित जलमीनारों में जलापूर्ति की जाती है। वहीं शहर में सुबह 6-8 बजे तक एवं शाम में 4-6 बजे तक जलापूर्ति होती है। लेकिन इस दौरान बिजली नहीं रहने के कारण पहले से जलमीनारों में जमा जल की ही आपूर्ति की जाती है। इस कारण जलमीनारों से दूर के क्षेत्रों में सही ढंग से आपूर्ति नहीं हो पाती है। वहीं बिजली कटौती के कारण शाम में ट्रीटमेंट प्लांट का मोटर संचालित नहीं हो पाता है। इससे शाम में शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति बंद कर दी गई है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग सुबह के समय की जानेवाली जलापूर्ति पर ही निर्भर रहने को विवश हैं। जिनके घरों में बोरिंग है, उनको भी परेशानी हो रही है।

Edited By Jagran

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