शहरीकरण व औद्योगिकरण में वृद्धि ने पर्यावरण समस्या को बना दिया जटिल

संवाद सूत्र गुमला वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत ने कहा है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के लि

JagranPublish: Mon, 06 Dec 2021 10:30 PM (IST)Updated: Mon, 06 Dec 2021 10:30 PM (IST)
शहरीकरण व औद्योगिकरण में वृद्धि ने पर्यावरण समस्या को बना दिया जटिल

संवाद सूत्र, गुमला : वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत ने कहा है कि वर्तमान परिवेश में जीवन के लिए सबसे बड़ी समस्या पर्यावरण की है। शहरीकरण और औद्योगीकरण में अनियंत्रित वृद्धि पर्यावरण समस्या को जटिल बना दिया है। मानव निर्मित जलवायु परिवर्तन या ग्लोबल वार्मिंग वायुमंडल में जीवन के प्रतिकूल गैस के उत्सर्जन पर्यावरण और जीवन दोनों पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं। कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिग आज के युग के लिए बहुत ही प्रासंगिक हो गया है। गुमला के कार्तिक उरांव कालेज में 46 झारखंड बटालियन एनसीसी कैडेटों का चल रहे दस दिवसीय प्रशिक्षण के चौथे दिन सोमवार को वनद प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत ने कैडेटों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सौर, पवन ऊर्जा के अधिक इस्तेमाल और पौधारोपण आदि से कार्बन उत्सर्जन में कमी लायी जा सकती है। सिविल सर्जन डा. राजू कच्छप ने कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन का अनमोल धन है। उन्होंने स्वस्थ्य रहने के लिए कैडेटों को आवश्यक टिप्स दिए। कोरोना के कारण, बचाव की जानकारी के साथ साथ टीका करण के लिए प्रेरित किया। कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सुदीप सिन्हा ने स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए परिवार और मित्रों को जागरूक करने की अपील की। कैंप में आठ कालेज के 297 सीनियर डिवीजन तथा सीनियर विग कैडेट भाग ले रहे हैं। ट्रेनिग में सामुदायिक सहभागिता, अनुशासन लक्ष्य निर्धारित करने और उस पर सफलता हासिल करने का पाठ पढ़ाया जा रहा है। ड्रील, योगा, परेड का नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। कैडेटों का समूह बनाकर मैप रीडिग, फायरिग, आप्टिकल, आपदा प्रबंधन, वन एवं पर्यावरण सुरक्षा, यातायात नियम, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता आदि का ट्रेनिग कराया जा रहा है। कैंप में सूबेदार पवन सिंह, तेग बहादुर सिंह, वीर बहादुर संजीव कुमार आदि एनसीसी कैडेटों को ट्रेनिग दे रहे हैं। कैडटों में राष्ट्र प्रेम का भाव भरने का काम किया जा रहा है।

Edited By Jagran

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