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हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद पसरा मातम, सड़क पर उतरे लोग

हादसे में अपने कई रिश्तेदारों को खो चुका एक बच्चा रिम्स में जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

Sachin MishraMon, 15 Jan 2018 05:36 PM (IST)
हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद पसरा मातम, सड़क पर उतरे लोग

गुमला, जेएनएन। झारखंड के गुमला में रविवार रात हुए हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के शिकार 16 लोगों में केवल सात साल का एक बच्चा ही बचा है। अपने कई रिश्तेदारों को खो चुका यह बच्चा रिम्स में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। सभी एक ही गांव के रहने वाले थे। इधर, हादसे के विरोध में ग्रामीणों ने सुबह से ही गुमला-रांची मुख्य सड़क को जाम कर रखा है। केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत ने आधी रात को पहुंचकर घटना पर शोक जताया, परिजनों को सांत्वना दी। इस हादसे के बाद गांव के लोग शोकाकुल हैं। एक साथ 15 लाशें देख हर आंख नम है। गुमला में मातम पसरा हुआ है।

जानिए, कैसे हुआ हादसा

लापुंग के घघारी धाम से मकर संक्रांति मेला देखकर ऑटो से लौट रहे 12 लोगों की रविवार रात एक बालू लदे ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। बाद में घायलों में भी 3 ने रांची के रिम्स में दम तोड़ा। अब घटना के शिकार 16 लोगों में केवल सात साल का एक बच्चा ही बचा है। घटना रात लगभग नौ बजे की है। हादसे के बाद गुमला से लेकर रांची तक हड़कंप मच गया। रिम्स में घायलों का हाल जानने केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत, मंत्री सीपी सिंह व रामचंद्र चंद्रवंशी, विधायक जीतू चरण राम, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव पहुंचीं। बताया जाता है कि भरनो के चतरगढ़ी गांव के 16 लोग गांव के ही एक ऑटो से घघारी धाम मेला देखने गए थे। रात में सभी मेला देखकर लौट रहे थे। लगभग नौ बजे गुमला-रांची मुख्य पथ पर भरनो और बेड़ो के बीच पारस नदी पुल के पास एक बालू लदे ट्रक ने ऑटो में सामने से टक्कर मार दी।

सभी एक ही परिवार के थे

इस हादसे में जहां ऑटो के परखच्चे उड़ गए वहीं ऑटो पर सवार सभी लोग सड़क पर इधर उधर गिर गए। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरनो पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने 11 लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं एक महिला की मौत रिम्स लाए जाने के दौरान रास्ते में हुई। हताहतों में कई एक ही परिवार के हैं। टेंपो पर सवार सभी लोगों के हादसे में शिकार हो जाने के कारण उनके बारे में ठीक-ठीक जानकारी देने वाला भी कोई नहीं था। घटना के शिकार सभी लोग भरनो प्रखंड के चतरगढ़ी गांव के रहनेवाले थे।

हादसे के बाद लगा जाम

हादसे में जान गंवाने वालों में चार बच्चे, छह महिलाएं व दो पुरुष शामिल हैं। रूपम देवी (40) व मुन्नी देवी (35), एक अन्य महिला और एक छह वर्षीय बच्चे को नाजुक हालत में एंबुलेंस से रिम्स भेजा गया। देर रात इनका इलाज रिम्स में शुरू हो गया। उधर घटना के बाद काफी देर तक घटनास्थल पर वाहनों का जाम लग गया। जानकारी मिलने के बाद भरनो पुलिस ने बालू लदे ट्रक को कब्जे में ले लिया है, जबकि ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।

एक ही ऑटो पर सवार थे सभी

भरनो में 11 लोगों की मौत ने यातायात सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक ऑटो पर ही जहां 11 लोग सवार होकर यात्रा कर खतरा मोल ले रहे थे। वहीं सड़कों पर बेखौफ दौड़ते ओवरलोड बालू लदे ट्रकों का लगातार हादसों की वजह बनने की कड़ी में भी इस हादसे ने एक और इजाफा कर दिया। इसे लेकर स्थानीय लोगों में रोष है।

पत्रकारों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे की जानकारी मिलने के बाद घटना को कवर करने गए पत्रकारों ने ही घायलों और मृतकों को भरनो अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉ. आशीष टोप्पो ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। अस्पताल में अन्य कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं था।

दुर्घटना से मर्माहत हूं: सीएम

गुमला के भरनो में हुई सड़क दुर्घटना से मर्माहत हूं। दुख की इस घड़ी में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। प्रशासन को घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था का निर्देश दिया है। रिम्स में व्यवस्था और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था के लिए स्थानीय विधायक डॉ जीतू चरण राम रिम्स पहुंच रहे हैं। गुमला उपायुक्त समेत प्रशासन के आला अधिकारी, 108 एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंच कर राहत और बचाव में जुट गए हैं।

-रघुवर दास, मुख्यमंत्री।

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Edited By Sachin Mishra

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