बालू उठाव पर रोक के खिलाफ जनाक्रोश मार्च

वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना बालू के उठाव और ढिबरा कोयला गिट्टी आदि की ढुलाई पर रोक लगाने के खिलाफ

JagranPublish: Mon, 04 Jul 2022 09:41 PM (IST)Updated: Mon, 04 Jul 2022 09:41 PM (IST)
बालू उठाव पर रोक के खिलाफ जनाक्रोश मार्च

बालू उठाव पर रोक के खिलाफ जनाक्रोश मार्च

जागरण संवाददाता, गिरिडीह : वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना बालू के उठाव और ढिबरा, कोयला, गिट्टी आदि की ढुलाई पर रोक लगाने के खिलाफ भाकपा माले ने सोमवार को जोरदार हल्ला बोला। जनाक्रोश मार्च निकालकर रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना इस तरह की रोक का पुरजोर विरोध किया। साथ ही अविलंब कोई वैकल्पिक रास्ता निकालने की मांग की, अन्यथा पूरे जिला में चक्का जाम करने की धमकी भी दी।

भाकपा माले सहित अखिल भारतीय किसान महासभा, झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा, इंकलाबी नौजवान सभा, महिला संगठन एपवा आदि से जुड़े सैकड़ों महिला-पुरुष झंडा-बैनर लेकर सर्कस मैदान में जमा हुए। वहां से जुलूस की शक्ल में सभी शहर से करीब पांच किमी. दूर पपरवाटांड़ स्थित डीसी कार्यालय के समक्ष पहुंचे। वहां मुख्यद्वार के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी बातों को रखा।

बगोदर के माले विधायक विनोद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गिरिडीह जैसे जिले में प्रशासन के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि, बालू के उठाव पर रोक लगा देने के बाद आखिर आम लोग अपने निर्माण कार्यों या छोटी-मोटी सरकारी योजनाओं को पूरा करने के लिए बालू खरीदेंगे कहां से। बालू का उठाव कहां से होगा। इसी जिले में रेलवे सहित बड़ी निर्माण कंपनियों के लिए बालू उपलब्ध हो रहा है। यह कैसे और कहां से हो रहा है, इस पर प्रशासन की कोई नजर नहीं जाती। सिर्फ आम लोगों के साथ समस्या उत्पन्न हो रही है। कई अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर भी रोक लगा दी गई है जिसकी निर्माण कार्य में जरूरत होती है। गरीबों को ढिबरा चुनने, कोयला की ढुलाई करने आदि पर भी रोक लगा कर एक तरह से उनकी रोजी-रोटी पर ही समस्या उत्पन्न कर दी गई है। प्रशासन तथा सरकार को तत्काल इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि हेमंत सरकार रोजगार देने का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन अभी तक का कार्यकाल यह बताने के लिए काफी है कि उल्टा गरीबों से रोजगार छीनने का काम किया जा रहा है। जिले के दसियों हजार परिवार ढिबरा चुन कर अपनी जीविका चलाते हैं। साइकिलों से कोयला ढोते हैं। खदानों और क्रशरों में काम करके अपनी जीविका चलाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा का बुरा हाल है। रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं। ऐसे में पहले से रोजी-रोटी में लगे लोगों का रोजगार छीनना बिल्कुल गलत है। भाकपा माले इसके लिए जिले भर में आंदोलन चलाएगी।

कार्यक्रम को पार्टी के वरिष्ठ नेता सीताराम सिंह, राजेश यादव, जयंती चौधरी, राजेश सिन्हा आदि ने भी संबोधित किया और सरकार से गरीबों के रोजगार पर हमला बंद करने, बालू के तत्काल उठाव की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। ढिबरा, कोयला, गिट्टी आदि के क्षेत्र में लगे मजदूरों का रोजगार सुनिश्चित करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि गरीबों का रोजगार प्रभावित हुआ तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो जिले में चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। कार्यक्रम की अगुवाई माले के जिला सचिव पूरन महतो ने की। बाद में पार्टी विधायक तथा जिला सचिव की अगुवाई में 11 सदस्यों के एक शिष्टमंडल ने उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की सारी बातों को सुनने के बाद इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का भरोसा दिया।

मौके पर उस्मान अंसारी, मुस्तकीम अंसारी, पवन महतो, कौशल्या दास, प्रीति भास्कर, विजय पांडे, कन्हैया सिंह, सकलदेव यादव, संदीप जयसवाल, किशोरी अग्रवाल, पप्पू खान, मीना दास, राजकुमार दास, सरिता महतो, असरेश तुरी, अखिलेश राज, ताज हसन, फूल देवी, नौशाद अहमद चांद, नागेश्वर महतो, भोला मंडल, लालमणि यादव, मनोज यादव, रामकिशन यादव, धर्मेंद्र यादव, पवन चौधरी, पिंकी भारती, सरिता देवी, सनातन साव, सोनू रवानी, एकलव्य उजाला, रामलाल मंडल, खीरू दास, रिजवान अंसारी, संजय चौधरी, संतोष राय आदि शामिल थे।

Edited By Jagran

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