रैगिंग मामले में अभिभावकों ने लगाई आलाधिकारियों से गुहार

दुमका के एसपी कालेज परिसर में स्थित

JagranPublish: Mon, 27 Jun 2022 07:08 PM (IST)Updated: Mon, 27 Jun 2022 07:08 PM (IST)
रैगिंग मामले में अभिभावकों ने लगाई आलाधिकारियों से गुहार

रैगिंग मामले में अभिभावकों ने लगाई आलाधिकारियों से गुहार

जागरण संवाददाता, दुमका : दुमका के एसपी कालेज परिसर में स्थित हास्टल नंबर पांच में 23 जून की रात सीनियर छात्रों के द्वारा 40 जूनियर छात्रों के संग की गई रैंगिग की घटना में अब पीड़ित छात्रों के अभिभावकों ने न्याय की गुहार जिले के आलाधिकारियों से मिलकर लगाई है। सोमवार को पीड़ित कई छात्रों के अभिभावक ने जिले के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला एवं एसपी अंबर लकड़ा से मिलकर मामले में शामिल दोषियों पर समुचित कार्रवाई की मांग की है। इससे पूर्व डीआइजी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई के लिए विश्वविद्यालय व महाविद्यालय प्रबंधन को एक्शन लेने को कहा था। उन्होंने कहा कि यह विधि-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की छानबीन हो रही है। छानबीन के उपरांत ही कोई कार्रवाई संभव है। बता दें कि इस मामले में पीड़ित छात्रों के बयान पर 27 सीनियर छात्रों पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

प्राथमिकी के बाद जबरन सुलहनामा पर कराया गया हस्ताक्षर : रैंगिग के पीड़ित छात्रों का कहना है कि 23 जून की मध्य रात्रि हास्टल नंबर पांच के सीनियर छात्रों ने अचानक ही बिना कारणवश जूनियर छात्रों को अपना कमरा नंबर 101 में 40 छात्रों को बारी-बारी से बुलाकर उनके कपड़े उतरवा कर बेरहमी से पीटा। मारपीट का यह सिलसिला सुबह तीन बजे तक चलता रहा। इसके बाद 24 जून को छात्रों ने नगर थाना में इस मामले की जानकारी देकर सीनियर छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज करायी। लेकिन इसके अगले ही दिन 25 जून को सीनियर छात्रों ने सभी जूनियर छात्रों को जबरन नगर थाना लाकर उनसे सुलहनामा पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाया। इस घटना की जानकारी जब इन छात्रों के अभिभावकों को हुई तो वे लोग परेशान हो गए। अब अभिभावकों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक व उपायुक्त दुमका को आवेदन देकर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept