जननी शिशु सुरक्षा का नहीं मिल रहा लाभ, बाहर से दवाएं खरीद रहीं महिलाएं

एसएनएमएमसीएच गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। यहां भर्ती महिलाओं को बाहर से दवा खरीदना पड़ रहा है।

JagranPublish: Thu, 27 Jan 2022 09:19 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 09:19 PM (IST)
जननी शिशु सुरक्षा का नहीं मिल रहा लाभ, बाहर से दवाएं खरीद रहीं महिलाएं

धनबाद : एसएनएमएमसीएच गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। यहां भर्ती महिलाओं को बाहर से दवा खरीदना पड़ रहा है। बरवाअड्डा के कुलबेड़ा निवासी विकास मंडल की पत्नी पूनम देवी का सीजर से प्रसव हुआ। विकास ने बताया कि यहां की एक निजी दवा दुकान से ही दवा खरीदने को कहा गया। इसके बाद बाहरी दवा दुकान से 2460 रुपये की दवा मजबूरी में खरीदी गई। गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि विकास भारद्वाज भी पीड़ित से मिलने अस्पताल पहुंचे और व्यवस्था पर काफी नाराजगी जताई। इस संबंध में विकास मंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, धनबाद उपायुक्त को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई है। अस्पताल के अधीक्षक डा. एके वर्णवाल ने कहा कि बाहर से दवा नहीं खरीदनी है। अपने स्तर से मामले की जांच कर रहे हैं। क्या है मामला :

विकास ने बताया कि उनकी पत्नी 24 जनवरी को अस्पताल में भर्ती हुई। डाक्टर ने पर्ची में दवा लिखकर दी। इसके बाद एक नर्स ने पर्ची लेकर ओपीडी के बाहर निजी दवा दुकान दीप मेडिकल में जाने को कहा। हद तो तब हो गई कि जब हाथों में पहनने वाला ग्ल्वस भी 450 रुपये में खरीद कराई गई। जबकि अस्पताल में काफी संख्या में ग्लव्स हैं। इसके बाद 2460 रुपये देकर दीप मेडिकल से दवा और सर्जरी के सामान खरीदे गए। 25 जनवरी को सीजर से डाक्टरों ने प्रसव कराया। विकास ने बताया कि उनकी पत्नी को एक बोतल स्लाइन चढ़ाया गया, स्लाइन का पानी खत्म होने पर जब सूचना नर्स को दी गई तो उसने काफी खराब व्यवहार किया। रात भर डाक्टर और नर्स के पास दौड़ना पड़ा। जननी सुरक्षा योजना के तहत बाहर से नहीं खरीदनी है दवा :

जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पताल में प्रसव कराए जाते हैं। इसके लिए हर साल लगभग डेढ़ करोड़ रुपए सरकार दवा के लिए खरीदारी करती है। किसी भी परिस्थिति में मरीज को बाहर से दवा खरीदने पर सरकार ने मनाही की है। इसके बावजूद स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आने वाली महिलाओं को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रहा है। प्रसव होने के बाद सरकार की ओर से यहां 1400 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है।

Edited By Jagran

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