चार्टर्ड अकाउंटेंट्स श्रीमद् भगवद् गीता से प्राप्त करेंगे बिजनेस का ज्ञान, आइसीएआइ का पाठ्यक्रम तैयार

Bhagavad Gita In ICAI syllabus द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया धनबाद शाखा और अहमदाबाद शाखा की ओर से सात दिवसीय वर्चुअल कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। यह पूरी तरह से श्रीमदभगवत गीता पर आधारित है। इससे देश के 39 अन्य आइसीआइ ब्रांच भी जुड़े रहेंगे।

MritunjayPublish: Mon, 24 Jan 2022 09:41 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 03:17 PM (IST)
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स श्रीमद् भगवद् गीता से प्राप्त करेंगे बिजनेस का ज्ञान, आइसीएआइ का पाठ्यक्रम तैयार

जागरण संवाददाता, धनबाद। श्रीमद्भागवत गीता में असीम ज्ञान का भंडार है। गाहे-बगाहे लोग यहां से ज्ञान अर्जित कर अपना जीवन सफल करते रहते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अब भगवत गीता से ज्ञान प्राप्त कर अपने व्यापार को गति प्रदान करेंगे। बिजनेस मैनेजमेंट को कैसे एक्सीलेंस बनाएं, इसके गूढ़ रहस्य से अवगत होंगे। इसके साथ ही गीता ज्ञान को आत्मसात करेंगे। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया धनबाद शाखा और आइसीएआइ अहमदाबाद शाखा की ओर से सात दिवसीय वर्चुअल कोर्स का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही देश के 39 अन्य आइसीआइ ब्रांच भी जुड़े रहेंगे। यह पूरी तरह से श्रीमदभगवत गीता पर आधारित है। इसका विषय अंडरस्टैंडिंग भगवत गीता अ जर्नी टुवर्ड्स बिजनेस मैनेजमेंट एक्सीलेंस रखा गया है। इसकी शुरुआत 25 जनवरी से हो रही है और 16 फरवरी तक वर्चुअल सेशन चलेगा।

सात दिवसीय वर्चुअल क्लास

वर्चुअल कोर्ट 25 जनवरी, 27 व 29 जनवरी और चार फरवरी, नौ, 14 और 16 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। हर दिन अलग-अलग वक्ता रहेंगे। शाम को साढ़े पांच से सात बजे तक यह कार्यक्रम होगा। इस सत्र में शामिल होने के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह सीए छात्रों, सीए सदस्यों और अन्य लोगों के लिए भी उपलब्ध होगा। सात दिवसीय इस सत्र का शुल्क 101 रुपये रखा गया है। टीम धनबाद ब्रांच से चेयरमैन सीए प्रतीक गनेरीवाल एवं सचिव राहुल अग्रवाल और टीम अहमदाबाद ब्रांच से चेयरमैन हरीश धारीवाल एवं सचिव डॉ अंजलि चौकसी कार्यक्रम का समन्वय कर रहे हैं।

कार्यक्रम का विषय एवं वक्ता

  • 25 जनवरी : जीवन में समग्र उत्कृष्टता और सफलता प्राप्त करना : गीता फाॅर प्रोफेशनल्स के लेखक सीए चेतन दलाल
  • 27 जनवरी : कर्मचारियों के साथ नेतृत्व और संबंध : जया रॉय मुंबई
  • 29 जनवरी : पारिवारिक जीवन और कार्य को संतुलित करना : चेतन दलाल
  • चार फरवरी : धन बनाना : जय चैरा सूरत
  • 14 फरवरी : कर्मचारियों के लिए प्रतिस्पर्धा में नेतृत्व के लिए सबसे ज्यादा क्या मायने रखता है : बीएसई मुंबई के पूर्व अध्यक्ष भागीरथ मर्चेंट
  • 19 फरवरी : मानव और डिवाइन होने के बीच की खाई को कम करना : आध्यात्मिक वक्ता भूपेंद्र भाई पांड्या

Edited By Mritunjay

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