अगर आपको कुत्‍ते ने काट ल‍िया...तो अपनाएं ये 5 उपाय

हर गली-मोहल्ले में आवारा कुत्ते मिल जाएंगे। आम और खास हर कोई इनसे परेशान है। नगर निगम भी इनकी धरपकड़ नहीं कर रहा है। पिछले वर्ष एक-दो दिन डॉग कैचर वैन से आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम भी हुआ। इसके बाद अभियान बंद।

Atul SinghPublish: Sat, 22 Jan 2022 11:54 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 11:54 AM (IST)
अगर आपको कुत्‍ते ने काट ल‍िया...तो अपनाएं ये 5 उपाय

जागरण संवाददाता, धनबाद : हर गली-मोहल्ले में आवारा कुत्ते मिल जाएंगे। आम और खास हर कोई इनसे परेशान है। नगर निगम भी इनकी धरपकड़ नहीं कर रहा है। पिछले वर्ष एक-दो दिन डॉग कैचर वैन से आवारा कुत्तों को पकड़ने का काम भी हुआ। इसके बाद अभियान बंद। वैन भी निगम की शोभा बढ़ा रहा है। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार ही धनबाद निगम क्षेत्र में दस हजार से अधिक आवरा कुत्ते है। कुत्ते के काटने से कोई भी व्यक्ति रेबीज का शिकार हो सकता है। अगर आप आए दिन अपने नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों यानी स्ट्रीट डाॅग से परेशान हैं और आपकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है तो लोक शिकायत प्रबंधन प्रणाली पीजीएमएस के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए निगम का चक्कर भी नहीं काटना पड़ेगा। घर बैठे ही शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए नगरीय प्रशासन निदेशालय ने टोल फ्री नंबर, वाटसएप नंबर, लैंडलाइन, वेबसाइट और ईमेल आइडी यानी कुल पांच तरीकों से शिकायत करने की सुविधा है।

कुत्ता काटे तो यहां करें शिकायत

- टोल फ्री नंबर : 800-120-2929

- वाट्सएप नंबर : 7633928444

- लैंडलाइन नंबर : 0651-712-2727

- वेबसाइट : पीजीएमएस डॉट डीएमएझारखंड डॉट इन

- ईमेल आइडी : इन्फो एट द रेट डीएमएझारखंड डॉट इन

बंध्याकरण योजना छह वर्षों से फाइलों में कैद

पिछले वर्ष पांडरपाला में एक बच्चे को आवारा कुत्तों ने नोचकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। निगम क्षेत्र के धैया रोड, कोरंगा बस्ती, कुसुम विहार, पीएमसीएच के आसपास, लुबी सर्कुलर रोड, भूली मोड़ में आवारा कुत्ते भौंकते हुए दौड़ाते हैं। कभी-कभी तो नोचने के लिए भी झपट पड़ते हैं। छह वर्षों से नगर निगम में आवारा कुत्तों पर काबू पाने के लिए सिर्फ योजनाएं ही बनीं। एक भी योजना धरातल पर नहीं उतरी। शहरी क्षेत्र में आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाना निगम का काम है। आवारा कुत्तों का पकड़कर बंध्याकरण (कास्ट्रेशन व स्पेइंग) करना है, ताकि उनकी आबादी नहीं बढ़ सके। बंध्याकरण तो दूर अभी तक एनिमल बर्थ कंट्रोल सोसाइटी का रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो सका है। निगम को नर कुत्ता का कास्ट्रेशन और मादा का स्पेइंग कर इनकी बढ़ती आबादी को रोकने का उपाय करना है। तत्कालीन नगर आयुक्त मनोज कुमार के समय सोसाइटी को मीटिंग की गई थी। सोसाइटी का गठन कर रजिस्ट्रार के पास रजिस्ट्री के लिए फाइल भेजी गई। यह सोसाइटी भी कागजों पर ही रह गई।

वर्जन

आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए निगम के पास डॉग कैचर वैन है। कुछ दिन अभियान चला तो कुछ लोगों इस पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी। अब इनका बंध्याकरण किया जाएगा। इसकी योजना बनाई जा रही है। जल्द ही धरातल पर उतरेगी।

- सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त

Edited By Atul Singh

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