विस्फोट के बाद नक्सली खौफ में गुजरी हजारों रेल यात्रियों की रात, पौ फटने पर एक्टिव हुई आरपीएफ और पुलिस

Maoists Blow Up Railway Track आरपीएफ के कमांडेंट हेमंत कुमार ने बताया कि रात साढ़े बारह बजे के करीब गैंग मेन से विस्फोट की सूचना मिली। उसके बाद धनबाद-गया के बीच अप व डाउन लाइन की ट्रेनें सुरक्षित रुकवा दी गई। सुबह मरम्मत के बाद परिचालन शुरू हुआ।

MritunjayPublish: Thu, 27 Jan 2022 09:49 AM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 09:17 PM (IST)
विस्फोट के बाद नक्सली खौफ में गुजरी हजारों रेल यात्रियों की रात, पौ फटने पर एक्टिव हुई आरपीएफ और पुलिस

जागरण संवाददाता, धनबाद/ गिरिडीह। झारखंड-बिहार बंद के दाैरान नक्सलियों की ओर से हावड़ा-नई दिल्ली रेल रूट पर धनबाद-गया ग्रैंड कोड लाइन पर विस्फोट कर पटरी उड़ा दी गई। इसके बाद रेल परिचालन ठप हो गया। रात साढ़े बारह बजे से सुबह सात बजे तक एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें धनबाद और गया के बीच विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं। इन ट्रेनों में सफर कर रहे हजारों रेल यात्रियों की रात नक्सली खौफ में बीती। सुबह सात बजे के बाद परिचालन शुरू हुआ तो रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली। नक्सलियों ने बुधवार आधी रात के बाद धनबाद रेल मंडल के चिचाकी और चाैधरीबांध रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक पर बम विस्फोट किया था। बम शक्तिशाली नहीं रहने से ट्रैक ज्यादा क्षतिग्रस्त नहीं हो पाया। विस्फोट के बाद रेलवे ने तुंरत धनबाद और गया के बीच रेल परिचालन रोक दी थी। यह घटना रात करीब साढ़े बारह बजे घटी।

तीन राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित 

विस्फोट के बाद नई दिल्ली से हावड़ा, सियालदह और भुवनेश्वर की तरफ जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस भी प्रभावित हुई। तीनों ट्रेनों को बदले रूट से चलाया गया। इसके अलावा विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनें खड़ी रही। चौधरीबांध रेलवे स्टेशन पर गंगा-दामोदर डाउन लाइन में, पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर अप लाइन में हटिया-पटना एक्सप्रेस व लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, चिचाकी में डाउन लाइन में इंटरसिटी खड़ी रही।

झारखंड-बिहार बंद के दाैरान बम विस्फोट

भाकपा पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शाली मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों ने 27 जनवरी को झारखंड-बिहार बंद का आह्वान किया है। इसी दाैरान नक्सलियों ने 26 जनवरी की रात 12 बजे के बाद धनबाद रेल मंडल में चिचाकी और चाैधरीबांध के बीच रेल पटरी को निशाना बनाया। नक्सली कार्रवाई की आशंका से रात को रेलवे की टीम घटनास्थल पर ट्रैक मरम्मत को नहीं पहुंची। सुबह पांच बजे पहुची और दो-ढाई घंटे में ट्रैक को दुरुस्त कर लाइन चालू कर दी गई।

एसपी व कमांडेंट पहुंचे

रात में विस्फोट की सूचना मिलने के बाद आरपीएफ और गिरिडीह पुलिस घटनास्थल पर जाने के बजाय रात गुजर जाने का इंतजार किया। चूंकि रात में जाने पर नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को निशाना बना सकते थे। घटना स्थल झारखंड के गिरिडीह जिले में पड़ता है। घटना की सूचना के बाद गिरिडीह एसपी अमित रेणु व कमांडेंट हेमंत कुमार पहुंचे और घटना का जायजा लिया। खुद की मौजूदगी में ट्रैक की मरम्मत करवाई।

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सात घंटे परिचालन ठप रहा

आरपीएफ के कमांडेंट हेमंत कुमार ने बताया कि रात साढ़े बारह बजे के करीब गैंग मेन से विस्फोट की सूचना मिली। उसके बाद अप व डाउन लाइन की ट्रेनें सुरक्षित रुकवा दी गई। जांच के बाद मरम्मत कार्य शुरू करवाया गया। सात घंटे परिचालन ठप रहा। अब रेल परिचालन शुरू हो चुका है।

Edited By Mritunjay

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