बिजली कटौती पर झामुमो व भाजपा में शुरु हुई जुबानी जंग

धनबाद सहित डीवीसी के कमांड एरिया में पिछले दो माह से लगातार घोर बिजली संकट है। डीवीसी का कहना है कि उनका 2200 करोड़ रुपये बकाया है। इसके चलते बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कटौती को लेकर अब झामुमो और भाजपा आमने - सामने आ गयी है।

Atul SinghPublish: Thu, 27 Jan 2022 04:58 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 04:58 PM (IST)
बिजली कटौती पर झामुमो व भाजपा में शुरु हुई जुबानी जंग

जासं, धनबाद : धनबाद सहित डीवीसी के कमांड एरिया में पिछले दो माह से लगातार घोर बिजली संकट है। डीवीसी का कहना है कि उनका 2200 करोड़ रुपये बकाया है। इसके चलते बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कटौती को लेकर अब झामुमो और भाजपा आमने - सामने आ गयी है। एक तरफ जहां झामुमो बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार पर दोष मढ़ रहा है तो दूसरी ओर भाजपा इसे राज्य सरकार का नकारापन बता रही ।

डीवीसी को पैसा दे संकट से निजात दिलाए सरकार : पशुपतिनाथ भाजपा सांसद पशुपतिनाथ सिंह कहते हैं कि हेमंत सरकार जनता से पैसे वसूल रही है। इसके बावजूद डीवीसी को बकाया राशि नहीं दे रही है। बकाया राशि का भुगतान कर सरकार जनता को बिजली संकट से निजात दिलाए।

सांसद ने कहा कि अपने नकारापन को छुपाने के लिए हेमंत सरकार केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही है।

सरकार अभी तक जीएसटी कलेक्शन भी नहीं कर पाई है। सरकार फिसड्डी साबित हो चुकी है। जनता सब कुछ समझ चुकी है। अगले विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।

झामुमो व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमितेश सहाय ने बताया कि डीवीसी केंद्र सरकार के आदेश पर राजनीति कर रहा है। हेमंत सरकार को बदनाम करने के लिए बिजली कटौती की जा रही है। जनता सब समझ रही है। इसका जवाब दिया जाएगा।

झामुमो जिलाध्यक्ष रमेश टुडु कहते हैं कि रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान डीवीसी का 4400 करोड़ रुपये बकाया था। फिर भी इस तरह की बिजली कटौती नहीं की गई थी।

झामुमो की केंद्रीय सदस्य नीलम मिश्रा कहती हैं कि राज्य सरकार धीरे-धीरे करके डीवीसी का बकाया दे रही है।बावजूद उसके डीवीसी बिजली कटौती में कोई कमी नहीं कर रहा है।

Edited By Atul Singh

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