30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलाया जाएगा स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तथा एंटी लेप्रसी दिवस के अवसर पर 30 जनवरी से जिले में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 2022 शुरू किया जाएगा। अभियान 13 फरवरी तक चलेगा। समाहरणालय के सभागार में एडीएम (ला एंड आर्डर) डा कुमार ताराचंद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ली गई।

Atul SinghPublish: Fri, 28 Jan 2022 05:41 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 05:41 PM (IST)
30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलाया जाएगा स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान

जागरण संवाददाता, धनबाद: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तथा एंटी लेप्रसी दिवस के अवसर पर 30 जनवरी से जिले में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 2022 शुरू किया जाएगा। अभियान 13 फरवरी तक चलेगा।

इस आशय का निर्णय शुक्रवार को समाहरणालय के सभागार में एडीएम (ला एंड आर्डर) डा कुमार ताराचंद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ली गई।

एडीएम (ला एंड आर्डर) ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के शरीर में सफेद दाग हो और उसमें सुन्नपन लगे, तो सबसे पहले किसी भी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर बिना संकोच दिखाना चाहिए। रोग की पहचान होने पर 6 महीने से 1 वर्ष तक एम.डी.टी. दवा खाने से संक्रमित व्यक्ति पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा चमड़ी पर दिख रहा हर सफेद रंग का दाग कुष्ठ रोग नहीं है। लेकिन संदेह होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए। सरकारी अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इसकी मुफ्त में जांच, इलाज एवं दवा उपलब्ध है।

ताराचंद ने कहा कि जानकारी और सजगता इसको रोकने का मुख्य उपाय है। इसलिए 30 जनवरी को जिला मुख्यालय एवं हर प्रखंड व पंचायत में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित कुष्ठ रोगियों को एमसीआर चप्पल एवं सेल्फ केयर किट दी जाएगी। कोविड गाइडलाइंस का पालन करते हुए स्पर्श जागरूकता अभियान पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 13 फरवरी से 15 मार्च 2022 तक जिले में कुष्ठ रोगियों का खोज अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि निर्मला कुष्ठ अस्पताल गोविंदपुर तथा टाटा स्पर्श, जामाडोबा में इस रोग का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया जाता है। 30 जनवरी को जिले में 265 एमसीआर चप्पल तथा 79 सेल्फ केयर किट का वितरण रोगियों के बीच किया जाएगा। उन्होंने बताया यह अन्य बीमारी की तरह यह बहुत ही कम संक्रामक रोग है और बैक्टीरिया के कारण चमड़ी एवं नसों को प्रभावित करता है। चमड़ी पर किसी प्रकार का दाग होने और उसमें ठंडा या गर्म, चुभन या दर्द का एहसास नहीं होने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए।

बैठक में एडीएम (ला एंड आर्डर) डा कुमार ताराचंद, सिविल सर्जन डा श्याम किशोर कांत, जिला यक्षमा पदाधिकारी डा एस.एम. जफरुल्ला, जिला शिक्षा अधीक्षक इंद्र भूषण सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रबला खेस, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ईशा खंडेलवाल तथा सभी प्रखंड के एमओआईसी व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Edited By Atul Singh

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