डेढ़ महीने की जगह 6 महीने में भी नहीं तैयार हुई एसएलएनएमसीएच में लिफ्ट

शहीद निर्मल महतो मेमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल में डेढ़ महीने में लगाया जाने वाला लिफ्ट 6 महीने में भी नहीं लगाया जा सका है। लिफ्ट लगाने का काम मेडिसिन वार्ड आईसीयू के बगल से हो रहा है। लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं किया जा सका है।

Atul SinghPublish: Thu, 27 Jan 2022 05:22 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 05:22 PM (IST)
डेढ़ महीने की जगह 6 महीने में भी नहीं तैयार हुई एसएलएनएमसीएच में लिफ्ट

जागरण संवाददाता, धनबाद: शहीद निर्मल महतो मेमोरियल कॉलेज एवं अस्पताल में डेढ़ महीने में लगाया जाने वाला लिफ्ट 6 महीने में भी नहीं लगाया जा सका है। लिफ्ट लगाने का काम मेडिसिन वार्ड आईसीयू के बगल से हो रहा है। लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं किया जा सका है। लिफ्ट का शिलान्यास विधायक राज सिन्हा ने 22 जून 2021 को किया था। वह अपने मद से यहां पर लिफ्ट का निर्माण करवा रहे हैं। प्राक्कलन राशि लगभग 50 लाख रुपए है।

कोरोना संक्रमण देरी का बड़ा कारण

अस्पताल प्रबंधन देरी का कारण कोरोनावायरस का संक्रमण बताया जा रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ अरुण कुमार बरनवाल ने बताया कि लिफ्ट के काम में तेजी लाई जा रहे हैं। संक्रमण काल में काम कुछ महीने के लिए प्रभावित हो गई थी। लेकिन अब काम में तेजी लाई जा रहे इस संबंध में संबंधित एजेंसी को भी निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि बन जाने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। धनबाद में ऐसा लिफ्ट अभी तक निजी संस्थानों में भी नहीं लग पाए हैं। एक साथ में लगभग 46 लोग लिफ्ट के माध्यम से आना-जाना कर सकते हैं।

रैंप के माध्यम से चौथे तल्ले पर ले जाए जा रहे मरीज

फिलहाल मरीजों को रैंप के माध्यम से चौथे तल्ले तक ले जाया जा रहा है। दूसरे तल्ले पर नेत्र रोग विभाग है। तीसरे तल्ले पर शिशु रोग विभाग और ब्लड बैंक है। चौथे तल्ले पर हड्डी रोग विभाग है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी हड्डी रोग विभाग के मरीजों को हो रही है। दुर्घटना में हाथ अथवा पांव टूटने के बाद प्लास्टर मरीजों को इसी चौथे तल्ले पर होता है। सबसे ज्यादा परेशानी कर्मचारियों को ही उठानी पड़ती है। स्ट्रेचर के माध्यम से मरीजों को ऊपर तक दो कर्मी पहुंचाते हैं।

Edited By Atul Singh

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