Indian Railway: रात्रि भत्ते में कटौती के खिलाफ रेलकर्मी मना रहे काला दिवस, कार्यस्थलों पर बिल्ला लगाकर किया प्रदर्शन

Indian Railway यात्री भत्ते में कटौती समेत अन्य मांगों को लेकर रेल कर्मचारी शनिवार को काला दिवस मना रहे हैं। धनबाद रेल मंडल के धनबाद गोमो बरकाकाना चोपन कोडरमा समेत अन्य स्टेशन में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।

Sagar SinghPublish: Sat, 31 Oct 2020 01:36 PM (IST)Updated: Sat, 31 Oct 2020 01:36 PM (IST)
Indian Railway: रात्रि भत्ते में कटौती के खिलाफ रेलकर्मी मना रहे काला दिवस, कार्यस्थलों पर बिल्ला लगाकर किया प्रदर्शन

धनबाद, जेएनएन। यात्री भत्ते में कटौती समेत अन्य मांगों को लेकर आज रेल कर्मचारी शनिवार को काला दिवस मना रहे हैं। अपने अपने कार्य स्थलों में काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलिकॉम मेंटेनर यूनियन के धनबाद मंडल के मंडल सचिव जागेश्वर यादव के नेतृत्व में मंडल के धनबाद, गोमो, बरकाकाना, चोपन, कोडरमा समेत अन्य स्टेशन में कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांग नहीं मानी गई तो बड़े आंदोलन के लिए तैयार हैं। भानु प्रकाश, आरके निराला, संजय कुमार, आजाद, मुकेश तनवीर, पंकज कुमार, राजमणि कुमार, कपिल कुमार,कुणाल यादव, आरके भारती, रूपेश माझी समेत अन्य शामिल थे। 

प्रमुख मांगे :

  • ग्रुप डी व ग्रुप सी के सभी कर्मचारियों को नाइट ड्यूटी भत्ता अविलंब चालू करें तथा 43600 के बैंड के प्रस्ताव को अविलंब वापस लिया जाए।
  • रेलवे बोर्ड के नाइट  ड्यूटी भत्ता रिकवरी का जो आदेश दिया गया है उसे  अविलंब वापस लिया जाए।
  • सिग्नल विभाग के कर्मचारियों को रोस्टर ड्यूटी दिया जाए।
  • नाइट फेल्योर गैंग की स्थापना की जाए।
  • हार्ड व रिस्क भत्ता सिग्नल एंड दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को अविलंब दिया जाए।
  • सभी स्टेशनों पर मेंटेनर रूम उपलब्ध कराया जाए।
  • 10 दिन से अधिक अपने हेड क्वार्टर से दूसरे स्टेशन ड्यूटी पर जानेवालों को पूरे दिन का टीए दिया जाए।
  • सिग्नल मेंटेनर का इनिशियल ग्रेड पे 2800 अविलंब किया जाए।
  • सिग्नल विभाग में कर्मचारियों के खाली पदों को जल्द भरा जाए ताकि कर्मचारियों पर दबाव कम हो।
  • हेल्पर से टेक्नीशियन बनने में आठ से 10 साल लग जाता है , उसे 3 साल में टेक्नीशियन बनाया जाए।

Edited By Sagar Singh

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept