केदारनाथ और विश्वनाथ के बाद अब बाबा बैद्यनाथ के दरबार में सरकार, देवघर की उम्‍मीदों को अभी से लगे पंख

PM in Deoghar प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भोलेनाथ के भक्त हैं। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में केदारनाथ फिर काशी विश्वनाथ आया। वहां ऐसा कायाकल्प हुआ जो दुनिया देख रही है। अब प्रधानमंत्री 12 जुलाई को देवघर आ रहे हैं। सो यहां के लोगों की उम्मीदों को पंख लगना स्वाभाविक है।

Deepak Kumar PandeyPublish: Wed, 06 Jul 2022 08:20 AM (IST)Updated: Wed, 06 Jul 2022 08:20 AM (IST)
केदारनाथ और विश्वनाथ के बाद अब बाबा बैद्यनाथ के दरबार में सरकार, देवघर की उम्‍मीदों को अभी से लगे पंख

देवघर [आरसी सिन्हा]: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भोलेनाथ के भक्त हैं। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में केदारनाथ, फिर काशी विश्वनाथ आया। वहां ऐसा कायाकल्प हुआ, जो दुनिया देख रही है। अब प्रधानमंत्री 12 जुलाई को देवघर आ रहे हैं। सो, यहां के लोगों की उम्मीदों को पंख लगना स्वाभाविक है। देश का सबसे बड़ा और लंबा श्रावणी मेला यहां लगता है। पूरी दुनिया देखती है।

द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ यहां सती के हृदय पर विराजमान हैं। आध्यात्मिक नगरी की पौराणिकता बनी रहे, आधुनिकता की झलक भी विकास में दिखे यह देवघरवासियों का सपना है। उनको उम्मीद है कि प्रधानमंत्री श्रावणी महोत्सव का राष्ट्रीय मेला घोषित कर दें। कांवरियों की लंबी कतार को कम करने के लिए कई क्यू कांप्लेक्स निर्माण की घोषणा कर दें। भीड़ नियंत्रण पर योजना बनाने का संकेत दे दें। उम्मीदें बहुत हैं। श्रावणी मेला का झारखंड और बिहार से सीधा नाता है। कांवर यात्रा बिहार के सुल्तानगंज से शुरू होकर झारखंड के देवघर में पूरी होती है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कार्यकाल को देखें तो एक खास बात दिखती है, जिन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु जुटते हैं, उनके विकास पर उनकी खास नजर रहती है। यहां पीएम बाबा बैद्यनाथ की पूजा भी करेंगे। 25 मई 2018 को देवघर एयरपोर्ट और एम्स का उन्होंने ऑनलाइन शिलान्यास किया था, तब धनबाद की धरती से बाबा को नमन किया था। 2019 में निर्माणाधीन एयरपोर्ट पर चुनावी सभा कर प्रभु का स्मरण किया था।

उम्मीद और कल्पना के बीच छह दिन

प्रधानमंत्री के आगमन में अब छह दिन बचे हैं। देवघरवासी मन में अनेक कल्पनाएं कर रहे हैं। उम्मीदें तो दुनिया भर के शिवभक्तों को उनसे बहुत हैं। आखिर देवघर में पूरी दुनिया से तीर्थयात्री आते हैं। यहां सुविधाएं बढ़ेंगी तो तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ेगी। इससे देवघर का बाजार चमकेगा। नई ऊंचाई को छू लेगा। यहां का समूचा अर्थतंत्र बाबा के भक्तों पर ही टिका है। एयरपोर्ट का शुभारंभ होने वाला है। एम्स का 250 बेड का अस्पताल भी शुरू हो जाएगा। बदलाव की यह बयार मोदी और तेज कर सकते हैं। सो सबको इंतजार है, प्रधानमंत्री का। जो देवघर बाजार को उगते सूरज की तरह देख रहे हैं।

बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के तीर्थ पुरोहित दुर्लभ मिश्र कहते हैं कि प्रधानमंत्री केदारनाथ और काशी विश्वनाथ गए। जिस तरह उस केंद्र का विकास किया, उम्मीद है देवघर का भी होगा। चौड़ी सड़कें बनेंगी, रास्ते सुगम बनेंगे। कुंभ की तरह यहां भी राष्ट्रीय मेला प्राधिकार का गठन हो सकता है। सब आस लगाए हैं। देखते हैं, प्रधानमंत्री बाबाधाम के लिए क्या कहते हैं।

Edited By Deepak Kumar Pandey

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