पिटवाटर आपूर्ति की मांग को लेकर लोगों ने दिया धरना, सड़क जाम

परियोजना विस्तारीकरण को लेकर साउथ तिसरा से विस्थापित कर जयरामपुर में पुनर्वासित किए गए खटाल धौड़ा के लोग पिटवाटर की आपूर्ति की मांग को लेकर सोमवार को रेलवे गेट के समीप सड़क जाम कर धरना पर बैठ गए।

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 05:45 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 05:45 PM (IST)
पिटवाटर आपूर्ति की मांग को लेकर लोगों ने दिया धरना, सड़क जाम

अलकडीहा : परियोजना विस्तारीकरण को लेकर साउथ तिसरा से विस्थापित कर जयरामपुर में पुनर्वासित किए गए खटाल धौड़ा के लोग पिटवाटर की आपूर्ति की मांग को लेकर सोमवार को रेलवे गेट के समीप सड़क जाम कर धरना पर बैठ गए। धरना की वजह से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क जाम के चलते कोलियरियों से पावर हाउस एवं साइडिग में होने वाली कोयले की ट्रांसपोर्टिंग ठप हो गई। लगभग तीन घंटे बाद परियोजना पदाधिकारी पंकज कुमार व रंजन कुमार मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता कर खराब मोटर पंप को मंगलवार तक दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने वैकल्पिक तौर पर तत्काल लोगों को टैंकर से जलापूर्ति कराई। प्रबंधन के आश्वासन के बाद लोगों ने दो दिनों में जलापूर्ति नहीं होने पर अनिश्चितकाल सड़क जाम करने की चेतावनी देते हुए सड़क जाम हटाया। खटाल के लोगों ने बताया कि 12 वर्ष पूर्व साउथ तिसरा में परियोजना विस्तारीकरण को लेकर खटाल धौड़ा के सारे संसाधन के साथ प्रबंधन ने जयरामपुर में विस्थापित किया था। विस्थापन के बाद से अभी तक लोगों को मूलभूत सुविधाओं से जूझना पड़ रहा है। मौके पर प्रकाश यादव, दीपक शर्मा, सिकंदर यादव, दिलीप बाउरी, रवींद्र यादव, शैलेंद्र यादव, दीपक, कुंदन यादव आदि थे। भाकपा जिला स्तरीय की बैठक

जामाडोबा : भाकपा जिला स्तरीय मजदुर कन्वेंशन का आयोजन सोमवार को डिगवाडीह बाजार स्थित धर्मशाला में आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता उपेन्द्र सिंह,कार्तिक प्रसाद, नकुल देव सिंह व संचालन नागेंद्र कुमार ने किया। मुख्यातिथि भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों ने जिस प्रकार से अपनी एकता दिखाते हुए मोदी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया है। अगर मजदूर एक मंच पर आएंगे तो श्रम कानून (काला कानून) को हटाने के लिए सरकार को बाध्य होना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय करण के 50 वर्ष पूरे होने पर केंद्र के पूंजीपतियों की सरकार ने सभी सरकारी कल कारखाने को अडानी, अंबानी के हाथों गिरवी रखने का काम किया है। सरकारी एजेंट मजदूरों को गुमराह करते हैं। आंदोलन से कुछ नहीं होता उन्हें किसान आंदोलन से सिख लेने की जरूरत है। अब देश में मजदूर किसानों की सरकार बनना तय है। राज्य सचिव मनोज भगत ने कहा कि रेलवे, बैंक, कोलयरी, स्टील क्षेत्र के संगठित हो या असंगठित सभी मजदूरों को एक मंच पर आना होगा। मौके पर जनार्दन प्रसाद, मनोरंजन मल्लिक, जगदीश शर्मा, बालेश्वर गोप, सरोज देवी, नीलम शंकर, सुमित्रा दास आदि थे।

Edited By Jagran

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