अब बिना डेढ़ लाख खर्च किए ही बन सकेंगे शिक्षक

शिक्षक बनने के लिए बीएड-एमएड जैसे खर्चीले कोर्स का एकमात्र विकल्प अब नहीं रहेगा। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में एम इन एजुकेशन कोर्स की शुरुआत होगी। इससे न्यूनतम खर्च कर छात्र-छात्राएं शिक्षक बनने और रोजगार से जुड़ने के ख्वाब को हकीकत में बदल सकेंगे। प्रभारी कुलपति सह छोटानागपुर के आयुक्त कमल जॉन लकड़ा ने बीबीएमकेयू में एम इन एजुकेशन कोर्स शुरू करने की अनुमति दे दी है।

JagranPublish: Tue, 25 Jan 2022 06:20 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 06:20 AM (IST)
अब बिना डेढ़ लाख खर्च किए ही बन सकेंगे शिक्षक

जागरण संवाददाता, धनबाद : शिक्षक बनने के लिए बीएड-एमएड जैसे खर्चीले कोर्स का एकमात्र विकल्प अब नहीं रहेगा। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में एम इन एजुकेशन कोर्स की शुरुआत होगी। इससे न्यूनतम खर्च कर छात्र-छात्राएं शिक्षक बनने और रोजगार से जुड़ने के ख्वाब को हकीकत में बदल सकेंगे। प्रभारी कुलपति सह छोटानागपुर के आयुक्त कमल जॉन लकड़ा ने बीबीएमकेयू में एम इन एजुकेशन कोर्स शुरू करने की अनुमति दे दी है। प्रभारी कुलपति की मुहर के साथ ही विवि प्रशासन ने इसी सत्र से कोर्स शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही बैठक कर नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विवि ने इस सत्र से बीएड में दाखिले का शुल्क बढ़ाकर डेढ़ लाख कर दिया है। ऐसे में नया कोर्स निर्धन छात्रों के लिए बेहतर विकल्प होगा।

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48 सीटों के साथ शुरू होगा कोर्स

एम इन एजुकेशन कोर्स 48 सीटों के साथ शुरू होगा। कोर्स का सिलेबस और नियमावली पहले से ही तैयार है। सिलेबस और नियमावली तैयार करने में डीन एजुकेशन और विवि के विभागाध्यक्ष शिक्षाशास्त्र की सक्रिय भागीदारी रही है। इस कोर्स में दाखिला वैसे छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने स्नातक की किसी भी विषय से पढ़ाई पूरी की है और उनका एक विषय एजुकेशन रहा है। इसके साथ ही बीएड कर चुके छात्र भी एमएड के समकक्ष एम इन एजुकेशन की पढ़ाई कर सकेंगे।

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बीबीएमकेयू की स्थापना के साथ ही स्वीकृत है कोर्स

एम इन एजुकेशन कोर्स को बीबीएमकेयू की स्थापना के साथ ही स्वीकृति मिल चुकी है। पर तकनीकी कारणों से कोर्स तीन-चार वर्षाें तक शुरू नहीं हो सका। अब सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के साथ ही प्रभारी कुलपति की मंजूरी की मुहर लग चुकी है। विवि इसी सत्र से कोर्स शुरू करेगा। 31 जनवरी तक राज्य सरकार की पाबंदियां हैं। इसके बाद राज्य सरकार के निर्णय के मुताबिक विवि प्रशासन कोर्स में दाखिला से जुड़े निर्णय लेगा। ----

विवि के इस नियमित कोर्स में दाखिला के लिए बीएड के तर्ज पर डेढ़ लाख रुपये खर्च नहीं करने होंगे। निर्धन परिवार के छात्र छात्राएं भी आसानी से इस कोर्स को पूरा कर शिक्षक बनने का सपना पूरा कर सकेंगे। विवि स्थापना के साथ ही इस कोर्स को शुरू करना था जो स्वीकृत भी है। कुलपति ने अनुमोदन दे दिया है। इसी सत्र से दाखिला शुरू होगा।

डा. जेएन सिंह, डीन एजुकेशन

बीबीएमकेयू

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विवि प्रशासन ने छात्रों को बड़ी राहत दे दी है। अब शिक्षक बनने के लिए छात्रों को बीएड जैसे कोर्स का एकमात्र विकल्प नहीं रहेगा। कम खर्च में एम इन एजुकेशन की पढ़ाई कर बीएड की तरह ही शिक्षक बनने के पात्र हो जाएंगे। कोर्स को सिलेबस और नियमावली भी तैयार है। जल्द ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी।

डा. उपेंद्र कुमार

विभागाध्यक्ष, शिक्षाशास्त्र विभाग

बीबीएमकेयू

Edited By Jagran

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