झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कब ? मंत्री ने बताई सरकार की मंशा

झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने पंचायत चुनाव को लेकर संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि झारखंड सरकार चुनाव कराने को तैयार है। इसकी तैयारी चल रही है। तैयारी पूरी होते ही चुनाव की घोषणा होगी।

MritunjayPublish: Tue, 18 Jan 2022 08:17 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 08:26 AM (IST)
झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कब ? मंत्री ने बताई सरकार की मंशा

जागरण संवाददाता, गोविंदपुर। कोरोना के कारण झारखंड में पंचायत चुनाव लंबित है। त्रिस्तरीय पंचायती राज के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर 2020 में ही समाप्त हो चुका है। कार्यकाल में राज्य सरकार ने छह-छह महीने के लिए दो बार विस्तार कर चुकी है। झारखंड के 24 जिलों के लोग जानना चाहते हैं कि आखिर पंचायत चुनाव कब होंगे। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर भी बेचैनी बढ़ी है। कोरना की पहली और दूसरी लहर के कारण पंचायत चुनाव नहीं कराया जा सका। क्या तीसरी लहर से पंचायत चुनाव पर एक बार फिर ब्रेक लग जाएगा। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब देश के सबसे बड़े राज्य यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा का चुनाव हो सकता है तो झारखंड में पंचायत चुनाव क्यों नहीं ? क्या झारखंड की हेमंत सरकार पंचायत चुनाव का सामना करने से बच रही है। 

पंचायत चुनाव की चल रही प्रशासनिक तैयारी

झारखंड के के अल्पसंख्यक कल्याण, निबंधन, खेलकूद, कला संस्कृति एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी सोमवार को धनबाद में थे। उन्होंने पंचायत चुनाव को लेकर कुछ संकेत दिए। मंत्री ने कहा- झारखंड सरकार पंचायत चुनाव जल्द कराएगी। इसकी प्रशासनिक तैयारियां की जा रही है। तैयारी पूरी होते ही राज्य निर्वाचन विभाग की तरफ से चुनाव कराया जाएगा। सरकार की मंशा चालू वित्तीय वर्ष में मार्च 2022 तक चुनाव करा लेने की है। मंत्री धनबाद के जंगलपुर गांव में झामुमो नेता मन्नू आलम के आवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

जंगलपुर के विकास के लिए गिनाई योजनाएं

हफीजुल ने कहा कि उनके पिता पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी ने जंगलपुर गांव में 9 करोड़ की जलापूर्ति योजना की स्वीकृति दिलाई थी तथा सड़क का निर्माण कराया था। अब यहां हाई स्कूल की स्थापना, सड़क जीर्णोद्धार, मैथन जलापूर्ति योजना का लाभ तथा कब्रिस्तान के शेष भाग की चारदीवारी कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से फिजूलखर्ची रोककर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की अपील की। इसके पूर्व मंत्री दहेज लोभियों द्वारा मारी गई अंजुम आरा के घर गए और उनके पिता मोबीन अंसारी एवं परिजनों को न्याय दिलाने की बात कही। इस मामले में उन्होंने धनबाद एसएसपी से बात की थी और एसआईटी का गठन कराया था। झामुमो नेता मन्नू आलम ने गांव की समस्याओं को लेकर मंत्री को ज्ञापन दिया। मौके पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अख्तर हुसैन अंसारी, उपाध्यक्ष मोकीम अंसारी, अताउल्लाह अंसारी, रंजीत यादव, जावेद खान, मोहसिन अंसारी, अफजल अंसारी, हाजी नासिर, अब्दुल मोईन, नूर आलम, बिट्टू अंसारी, मुमताज अंसारी, कबीर अंसारी, सद्दाम हुसैन, कंचन पांडेय, मुमताज अंसारी, मुबारक अंसारी, शांतिराम रजवार, मजहर आलम, गुलेल अंसारी मौजूद थे।

Edited By Mritunjay

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