माली में फंसे झारखंड के 33 मजदूरों के स्वजन चिंतित, विदेश मंत्री पर टिकी सबकी निगाहें

गिरिडीह जिले के बगोदर के तिरला गांव के शंकर महतो भी माली में फंसे हैं। पत्नी मंजू देवी ने बताया कि उसके पति 10 माह पूर्व टावर लाइन में काम करने गए थे। चार माह पूर्व पैसा भी भेजा था। अब कंपनी ने तीन माह से पैसे नहीं दे रही।

MritunjayPublish: Tue, 18 Jan 2022 03:42 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 03:42 PM (IST)
माली में फंसे झारखंड के 33 मजदूरों के स्वजन चिंतित, विदेश मंत्री पर टिकी सबकी निगाहें

जागरण टीम, गिरिडीह। अफ्रीकी देश माली में फंसे गिरिडीह व हजारीबाग के 33 मजदूरों की वतन वापसी के लिए शासन-प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शिक्षा मंत्री सह डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो ने केंद्रीय विदेश मंत्री डा. एस जयशंकर व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट््वीट कर फंसे मजदूरों की मदद का अनुरोध किया है। इधर, गिरिडीह के उपायुक्त राहुल सिन्हा ने भी सरकार को पत्र लिखकर इस संदर्भ में उचित कदम उठाने तथा दिशानिर्देश देने का आग्रह किया है। साथ ही संंबंधित प्रखंडों के बीडीओ को निर्देश दिया है कि वे माली में फंसे श्रमिकों के गिरिडीह के विभिन्न प्रखंडों में रह रहे स्वजनों से संपर्क कर रिपोर्ट दें, ताकि उन्हें अपेक्षित सरकारी सहायता उपलब्ध कराए जाने की दिशा में कार्रवाई की जा सके।

इधर, श्रमायुक्त ए मुत्थु कुमार के अनुसार इस मामले में संबंधित दूतावास से संपर्क किया गया है। पत्र भेजकर भी वहां फंसे मजदूरों के संबंध में जानकारी मांगी गई है तथा मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। विभाग के कंट्रोल रूम से भी इसपर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों में मजदूरों के हित में नतीजा सामने आ जाएगा। बता दें कि गिरिडीह और हजारीबाग के विभिन्न प्रखंडों के 33 मजदूर माली में फंसे हैं। उन्हें तीन महीने से पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। इससे वे दाने-दाने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने इससे संबंधित एक तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर जारी कर सरकार से सहयोग की गुहार लगाई है। संबंधित मजदूर आंध्रप्रदेश के केएसपी नामक कंपनी के दो ठेकेदार रमेश व सत्या के सहयोग से माली गए थे।

अपनों के इंतजार में बिलख रहे स्वजन

गिरिडीह जिले के बगोदर के तिरला गांव के शंकर महतो भी माली में फंसे हैं। पत्नी मंजू देवी ने बताया कि उसके पति 10 माह पूर्व टावर लाइन में काम करने गए थे। चार माह पूर्व पैसा भी भेजा था। अब कंपनी ने तीन माह से पैसे नहीं दे रही। इससे खाने-पीने में परेशानी हो रही। परिवार के सदस्य उनके इंतजार में परेशान हैं।

तीन माह पूर्व हिमाचल गया मजदूर लापता, स्वजन परेशान

काठीकुंड (दुमका) : दुमका जिले के गोपीकांदर थाने की पुलिस तीन माह से गोपीकांदर बाजार निवासी मजदूर जीतन दास के लापता होने की सुराग नहीं ढूंढ पाई है। वह नौकरी की तलाश में दो मजदूर अमित सोरेन और राहुल देहरी के साथ हिमाचल प्रदेश गया था। इधर, लापता मजदूर की मां कालावाला दासी ने पुलिस प्रशासन पर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिए जाने का आरोप लगाई है। कालावाला ने थाने को जानकारी दी है कि पिछले साल 13 अक्टूबर को खरौनी बाजार में रहने वाले मजदूरों का दलाल रोहन दास गांव के अन्य मजदूरों के साथ जीतन को ज्यादा मजदूरी का लालच देकर लेकर गया था, तब से उसका कोई पता नहीं है।

Edited By Mritunjay

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