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14 जून की मध्य रात्रि से धनबाद - चंद्रपुरा रेलमार्ग पर अचानक बंद हो गया था 52 ट्रेनों का परिचालन

बृजनंदन ठाकुर कतरास 14 जून 2017 की मध्य रात्रि 12 बजे से धनबाद - चंद्रपुरा रेल मार्ग में ट्रे

JagranTue, 15 Jun 2021 05:45 AM (IST)
14 जून की मध्य रात्रि से धनबाद - चंद्रपुरा रेलमार्ग पर अचानक बंद हो गया था 52 ट्रेनों का परिचालन

बृजनंदन ठाकुर, कतरास: 14 जून 2017 की मध्य रात्रि 12 बजे से धनबाद - चंद्रपुरा रेल मार्ग में ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगी थी। 52 यात्री ट्रेन सहित मालगाड़ियों की आवाजाही स्थायी रूप से बंद कर दी गई थी। बंदी का कारण भूगर्भ अग्नि से रेलवे ट्रैक को खतरा बताया गया था। यात्रियों के जान माल पर खतरे की आशंका जताई गई थी। सरकार के निर्णय के खिलाफ कतरास क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतर आई थी और खुलकर विरोध जताया था। गांधी के अहिसात्मक आंदोलन का सहारा लिया। बिना किसी व्यवधान के 620 दिन तक कतरास स्टेशन पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा हुई।

स्टेशन रोड में धरना कार्यक्रम भी अनवरत ढंग से चलता रहा। राजनीति से उपर उठकर सभी दलों के लोगों ने कतरास से लेकर धनबाद तक प्रदर्शन किया था। डीआरएम कार्यालय, बीसीसीएल व डीजीएमएस मुख्यालय पर प्रर्दशन हुई। इन विभागों के अलावा, हाजीपुर रेल मंडल तथा राज्य सभा के सभापति से प्रतिनिधि मिलकर लगातार इंसाफ की गुहार लगाते रहे। कतरास से लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर भी आंदोलनकारियों ने धरना दिया था। पूर्व मुख्य मंत्री बाबूलाल मरांडी समेत कई नेताओं ने पदयात्राएं की थी। मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन, सुबोध कांत सहाय, वृंदा करात, आरपीएन सिंह, अरूप चटर्जी, मथुरा महतो, जगरनाथ महतो, संजीव कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कतरास पहुंचकर जनता की मांग को जायज ठहराया था। स्वयं सेवी संगठन, धर्मिक संगठन के अलावा सामाजिक संगठनों आंदोलन में शामिल हुआ था।

बार एसोसिएशन धनबाद के नेतृत्व में इलाके के अधिवक्ताओं ने भी कतरास में धरना दिया था। जनता के अनवरत आंदोलन के दौरान 620 दिनों बाद 24 फरवरी 2019 को पुन: धनबाद- कतरास: चंद्रपुरा रेलमार्ग में कुछ को छोड़ कर अन्य सभी ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया। डीसी ट्रेन चलाने की मांग आज भी आंदोलनकारियों की है। इस डीसी ट्रेन के चलने से आम आदमी को काफी राहत मिलेगी। समाज सेवी विजय कुमार झा ने कहा कि कोरोना काल समाप्त होते ही डीसी ट्रेन चालू करने के लिए आंदोलन किया जाएगा।

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