Indian Railways News: झारखंड-बिहार में 75 की स्पीड से चलाई जा रहीं ट्रेनें, जानिए वजह

पूर्व मध्य रेल के आरपीएफ डीआईजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त डीके मौर्या ने नक्सली बंद को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान किसी खास गतिविधि की खुफिया सूचना अब तक नहीं मिली है। बंद के दौरान नक्सली रेलवे ट्रैक और रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

MritunjayPublish: Mon, 26 Apr 2021 03:30 PM (IST)Updated: Tue, 27 Apr 2021 04:55 AM (IST)
Indian Railways News: झारखंड-बिहार में 75 की स्पीड से चलाई जा रहीं ट्रेनें, जानिए वजह

धनबाद, जेएनएन। माओवादी नेताओं के एनकाउंटर का विरोध और किसान आंदोलन के समर्थन में नक्सलियों ने 26 अप्रैल को भारत बंद का एलान कर दिया है। नक्सलियों के इस एलान के साथ ही ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। एहतियात के तौर पर यात्री ट्रेनों की स्पीड कम कर दी गई है। हावड़ा नई दिल्ली के बीच धनबाद से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक अलग-अलग रेल खंडों में रफ्तार नियंत्रित किया गया है। धनबाद रेल मंडल के उग्रवाद प्रभावित माने जाने वाले सीआईसी सेक्शन में भी ट्रेनों की स्पीड कम कर दी गई है। बिहार के क्यूल से झाझा वाले रेलखंड पर भी ट्रेनों की गति सीमा नियंत्रित कर दी गई है। सोमवार की सुबह हावड़ा मुंबई  रेल मार्ग पर चक्रधरपुर के पास रेलवे ट्रैक उड़ाने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़े करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

27 अप्रैल की सुबह तक नियंत्रित स्पीड में चलेंगी रेलगाड़ियां

पूर्व मध्य रेल के आरपीएफ डीआईजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त डीके मौर्या ने नक्सली बंद को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। बंद के दौरान किसी खास गतिविधि की खुफिया सूचना अब तक नहीं मिली है। बंद के दौरान नक्सली रेलवे ट्रैक और रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके मद्देनजर सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं।  27 अप्रैल सुबह 6:00 बजे तक कम रफ्तार से चलेंगी ट्रेन माओवादी बंद को लेकर रेलवे ने ही 25 अप्रैल रात 12:00 बजे से ही ट्रेनों की स्पीड कम कर दी है। यह व्यवस्था 27 अप्रैल सुबह 6:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

इन जगहों को माना गया बेहद खतरनाक

रेलवे ने झारखंड और बिहार के जिन जगहों को नक्सली हमलों के मामले में बेहद खतरनाक माना है। उनमें तेतुलमारी से भोलीडीह,  चिचाकी से वाया पारसनाथ और चौबे निमियाघाट तक, डुमरी विहार से जागेश्वर विहार , गझंडी से पहाड़पुर, मानपुर से सोननगर, कोडरमा-हजारीबाग टाउन- बरकाकाना, क्यूल से झाझा। हावड़ा नई दिल्ली के बीच धनबाद गया रेल मार्ग पर गया औरंगाबाद जिले से गुजरी ग्रैंड कॉर्ड लाइन, क्यूल-जसीडीह सेक्शन और क्यूल भागलपुर लूप लाइन। नक्सली बंद के मद्देनजर फिलहाल बिहार-झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 75 की गति से ट्रेनें चलाई जा रहीं हैं।

क्या दिए गए निर्देश

  •  सभी ट्रेनों का परिचालन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से किया जाएगा।
  •  महत्वपूर्ण मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के आगे पायलट इंजन चलेंगे।
  • ट्रैक मैन- कीमैन अलर्ट रहेंगे।ब्रिज और रेलवे ट्रैक पर नियमित पेट्रोलिंग करेंगे।
  • स्टेशन मास्टर , केबिन मैन, ड्राइवर गार्ड समेत सभी स्टेशन कर्मचारी अलर्ट रहेंगे।
  • धनबाद रेल मंडल के गोमो, पतरातु और डाल्टनगंज में पेट्रोल स्पेशल कोच और बालू लदे बोरे तैयार रखे जाएंगे।

Edited By Mritunjay

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