कोलकाता नहीं अब दिल्ली से चलेगा कोल कंट्रोलर का दफ्तर, जानिए इसकी भूमिका

Coal Controller Office कोल कंट्रोलर का कोलकाता आफिस बंद होगा। नया आफिस नई दिल्ली में खोला गया है। इसका उद्घाटन कोयला सचिव अनिल जैन ने किया। कोयले के मूल्य और ग्रेड के निर्धारण में कोल कंट्रोल आफिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

MritunjayPublish: Thu, 27 Jan 2022 08:45 AM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 11:17 AM (IST)
कोलकाता नहीं अब दिल्ली से चलेगा कोल कंट्रोलर का दफ्तर, जानिए इसकी भूमिका

जागरण संवाददाता, धनबाद। कोल कंट्रोलर का दफ्तर अब देश की राजधानी नई दिल्ली में चलेगा। इसे कोलकाता से नई दिल्ली शिफ्ट कर दिया गया है। नए कार्यालय का कोयला सचिव अनिल जैन ने उद्घाटन भी कर दिया है। जैन ने कहा है कि कोल कंट्रोलर देश के कई हिस्सा में काम करता है। देश में कोयला की स्थिति व ग्रेड निर्धारण में कोल कंट्रोलर की भूमिका अहम होती है। उन्होंने बेहतर ढंग से काम करने की जरूरत पर जोर दिया है। इसके साथ ही कोयला दर्पण वेबसाइट भी शुरू की गई है।

कोल इंडिया की स्थापना के बाद से कोलकाता में चल रहा था कार्यालय

कोयला उद्योग के स्थापना काल से कोलकाता में ही कोल कंट्रोलर का कार्यालय का संचालन किया जा रहा था। 2021 में इसको कोलकाता से हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। अब पूरी तरह से नई दिल्ली में कार्यालय को शिफ्ट कर दिया गया है। उद्घाटन के दाैरान कोल डायरेक्टरी बुक का भी विमोचन किया गया। मौके पर कोयला मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार अनिमेष भारती, कोल कंट्रोलर एस अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कोयला दर्पण से मिलेगी हर गतिविधियों की जानकारी

कोयला क्षेत्र की हर गतिविधियों की अपडेट सूचना कोयला दर्पण पोर्टल के माध्यम से मिलेगी। भारत सरकार कोयला मंत्रालय के सचिव डा.अनिल कुमार जैन ने पोर्टल कोयला दर्पण का शुभारंभ कर दिया है। इस संबंध में सारे कोयला कंपनियों को पत्र के माध्यम से सूचना मिल गई है। इसी के तहत काम करने का दिशा निर्देश भी दिया गया है। इस कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी भी (वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से) उपस्थित थे। पोर्टल को इसके उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक अनुकूल बनाने हेतु अधिकारियों द्वारा सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किये गए। अधिकतम सार्वजनिक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए यह पोर्टल कोयला मंत्रालय की वेबसाइट के माध्यम से सुलभता से उपलब्ध है।

प्रारंभिक चरण  में निम्न केपीआई शामिल

  • कोयला-लिग्नाइट उत्पादन।
  • कोयला-लिग्नाइट की कुल खरीद।
  • अन्वेषण डाटा,
  • केंद्रीय क्षेत्र की योजनाएं।
  • ताप विद्युत संयंत्रों में कोयला भंडार की स्थिति।
  • बुनियादी ढांचा परियोजनाएं।
  • कोयला ब्लॉकों का आवंटन (सीएमएसपी/एमएमडीआर)।
  • कोल इंडिया की प्रमुख कोयला खदानों की निगरानी।
  • कोयला मूल्य।

Edited By Mritunjay

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