31 मार्च तक हर हाल में बीबीएमकेयू को हैंडओवर होगा नया भवन

बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय को भेलाटांड़ के नये भवन में शिफ्टिग की तैयारी चल रही है। इसी वित्तीय वर्ष के अंत तक विवि भेलाटांड़ के नये भवन में शिफ्ट हो जाएगा।

JagranPublish: Tue, 25 Jan 2022 06:26 AM (IST)Updated: Tue, 25 Jan 2022 06:26 AM (IST)
31 मार्च तक हर हाल में बीबीएमकेयू को हैंडओवर होगा नया भवन

धनबाद : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय को भेलाटांड़ के नये भवन में शिफ्टिग की तैयारी चल रही है। इसी वित्तीय वर्ष के अंत तक विवि भेलाटांड़ के नये भवन में शिफ्ट हो जाएगा। विवि प्रशासन की ओर से चल रही तैयारियों के बीच अब राज्य सरकार ने भी झारखंड स्टेट बिल्डिग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीसीएल) को 31 मार्च तक नये परिसर का निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दे दिया है। राज्य सरकार ने अपने पत्र साफ कर दिया है कि निर्धारित अवधि तक ही नया परिसर विवि को हैंडओवर कर दिया जाए।

वर्तमान में विवि के भेलाटांड़ वाले नए परिसर में एकेडमिक ब्लाक, प्रशासनिक भवन, केंद्रीय लाइब्रेरी सह परीक्षा भवन और कुलपति आवास शामिल का निर्माण चल रहा है। इनमें एकेडमिक ब्लाक और प्रशासनिक भवन का उद्घाटन पिछले साल जुलाई में हो चुका है। हालांकि निर्माण का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। विवि प्रशासन का कहना है कि यह अभी अंतिम चरण में है। पहले चरण में 196 करोड़ से निर्माण :

पहले चरण में भवन के निर्माण पर तकरीबन 196 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पूरे परिसर के निर्माण पर 348 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। कुल राशि में से पहले चरण के लिए 146 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था। बाद में 50 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। राशि में बढ़ोतरी लिफ्ट लगाने व परिसर के चारों ओर चारदीवारी निर्माण और मुख्य गेट के लिए की गई है। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद अगले चरण में हास्टल, कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए आवास बनेंगे। अप्रैल से यहां प्रस्तावित है बीबीएमकेयू के पीजी विभागों की पढ़ाई :

बीबीएमकेयू के ज्यादातर पीजी विषयों की पढ़ाई पीके राय कालेज हो रही है। कम छात्रों वाले विषयों के लिए पुराने रिजनल सेंटर को क्लास रूम बना दिया गया है। पीजी होम साइंस की पढ़ाई अब भी एसएसएलएनटी महिला कालेज में ही हो रही है। मार्च तक नए भवन में स्थानांतरण के बाद अप्रैल से विवि के पीजी विषयों की पढ़ाई भेलाटांड़ में ही प्रस्तावित है। इससे भेलाटांड़ और आसपास की रौनक बढ़ेगी। पर छात्र छात्राओं को कई किमी दूर का फासला तय करना होगा।

Edited By Jagran

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