आज से पब्लिक स्कूलों में बीपीएल कोटे में दाखिले की प्रक्रिया होगी शुरू

जिले के मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों में बीपीएल कोटे में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। दाखिले का आवेदन सोमवार से मिलना शुरू हो जाएगा।

JagranPublish: Mon, 24 Jan 2022 06:51 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 06:51 AM (IST)
आज से पब्लिक स्कूलों में बीपीएल कोटे में दाखिले की प्रक्रिया होगी शुरू

धनबाद : जिले के मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों में बीपीएल कोटे में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। दाखिले का आवेदन सोमवार से मिलना शुरू हो जाएगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तीन फरवरी है। मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों में प्रारंभिक कक्षा में कुल सीटों का 25 फीसदी सीटों पर बीपीएल बच्चों का दाखिला लिया जाएगा। जिले के 55 पब्लिक स्कूलों में प्रारंभिक कक्षा में 550 सीटें हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय सह आरटीई सेल की ओर से दाखिले की सूचना जारी कर दी गई है। यह होना चाहिए बच्चे का उम्र :

बीपीएल कोटे में लाटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा। नर्सरी, एलकेजी के लिए 31 मार्च 22 तक न्यूनतम उम्र तीन वर्ष छह महीना व अधिकतम चार वर्ष छह महीना तथा कक्षा एक के लिए न्यूनतम पांच वर्ष छह महीना व अधिकतम सात वर्ष से कम निर्धारित किया गया है। अभिभावकों को संबंधित सीओ की ओर से जारी आय प्रमाण पत्र तथा उम्र प्रमाण से संबंधित कागजात जमा करना होगा। यह हैं महत्वपूर्ण तिथियां

- 24 जनवरी से मिलेगा दाखिले का आवेदन

- तीन फरवरी तक आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि

- 22 फरवरी को सभी स्कूलों में लाटरी

- 26 फरवरी को चयनित बच्चों की सूची का प्रकाशन

- 10 अप्रैल को नामांकित बच्चों की सूची जारी की जाएगी इन्हें मिलेगा फायदा :

- अभिवंचित वर्ग - एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक समुदाय, 40 फीसद से अधिक निशक्ततायुक्त

कमजोर वर्ग - वैसे बच्चे जिनके परिवार की सभी स्त्रोतों से वार्षिक आय 72 हजार से कम हो।

- दिव्यांगता - मेडिकल बोर्ड सदर अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जारी विकलांगता प्रमाण पत्र

- एससी एसटी के प्रमाण पत्र के लिए बच्चों के पालक का कोई भी सरकारी दस्तावेज जिसमें एससी एसटी होने का उल्लेख हो खाली रह गई थीं सीटें 70 फीसद सीटें :

जिले के मान्यता प्राप्त पब्लिक स्कूलों से सत्र 21-22 में बीपीएल कोटे की सीटे खाली रह गई थी। जिले के कई स्कूलों ने तो इसमें रूचि ही नहीं दिखाई। कुछ स्कूलों ने तो खानापूर्ति कर छोड़ दिया। इससे काफी संख्या में बीपीएल कोटे की सीट नहीं भर पाई। जिले के मान्यता प्राप्त 55 स्कूलों में बीपीएल बच्चों के लिए 550 से अधिक सीटें है। कई स्कूलों का कहना है कि 70 फीसदी नामांकन नहीं हो पाया है। इस कारण बीपीएल दाखिले में कमी आई है। स्पष्ट रिपोर्ट के लिए जिला मुख्यालय को स्कूलों से बीपीएल सीटों की संख्या, एडमिशन व रिक्ति से संबंधित आंकड़े का इंतजार है, ताकि यह पता चल सके कि कितनी सीटें खाली रह गईं। जिला शिक्षा अधीक्षक सह आरटीई नोडल ऑफिसर इंद्रभूषण सिंह ने सभी स्कूलों से नामांकित और रिक्त सीटों का आंकड़ा मांगा है।

Edited By Jagran

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