बिहार में शिक्षक नियुक्ति के नाम पर 15 लाख की ठगी, धनसार थाना की भूमिका से भुक्तभोगी नाखुश

Bihar Teacher Appointment Fraud बिहार में शिक्षक नियुक्ति के नाम पर गिरिडीह के जमुमा की नीलू कुमारी ठगी की शिकार हुई है। उससे धनबाद के झरिया के मनोज साहनी ने 15 लाख रुपये ठगे हैं। नीलू के पति ने धनबाद के धनसार थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

MritunjayPublish: Sun, 23 Jan 2022 11:59 AM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 09:40 PM (IST)
बिहार में शिक्षक नियुक्ति के नाम पर 15 लाख की ठगी, धनसार थाना की भूमिका से भुक्तभोगी नाखुश

संस, धनसार। बिहार में शिक्षक की नाैकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह झारखंड में सक्रिय  है। यह गिरोह बिहार के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को ठग रहे हैं। इस तरह का एक मामला धनबाद के धनसार थाना क्षेत्र में सामने आया है। शिक्षक बहाली के नाम पर गिरिडीह जिले के जमुआ की महिला से 15 लाख की ठगी हुई है। आरोपित बेरा निवासी पारा शिक्षक मनोज साहनी को धनसार थाना की पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। मामला गिरिडीह जिला के जमुआ का होने के कारण फिलहाल आरोपित को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया है। ठगी के शिकार भुक्तभोगी नीलू कुमारी ने जमुआ थाना में शिकायत की है।

ठगी का आरोपित बेरा मध्य विद्यालय में पारा शिक्षक

आरोपित मनोज न्यू क्वार्टर बेरा स्थित मध्य विद्यालय में पारा शिक्षक है। मनोज ने पुलिस के समक्ष कबूल किया कि उसने नौकरी लगाने के नाम पर साढ़े तीन लाख रुपये लिए हैं। मनोज ने शिकायतकर्ता प्रकाश कुमार को साढ़े तीन लाख लौटाने की बात कही है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराते हुए मनोज को अभी छोड़ दिया है, लेकिन प्रकाश पुलिस के इस फैसले से नाखुश है। प्रकाश का कहना है कि उसने मुझसे और मेरे रिश्तेदार से 15 लाख रुपये लिए हैं।

ऐसी हुई ठगी

प्रकाश ने मनोज से अपनी दो बहन नीलू और ललिता के अलावा अपने दो रिश्तेदार विजय और पंकज को नौकरी लगाने की बात कही। मनोज ने इन लोगों से बिहार में शिक्षक के नाम पर नौकरी लगाने के लिए 10-10 लाख देने का प्रस्ताव रखा। प्रकाश ने कहा कि वह और उसके रिश्तेदार विजय, पंकज ने वर्ष 2019 जून और अगस्त में मनोज को 15 लाख रुपये गिरिडीह बुलाकर दिए। बाकी पैसा नौकरी लगने के बाद देने पर सहमति बनी। पैसे देने के बाद प्रकाश और उसके रिश्तेदार मनोज को नौकरी लगाने के लिए दबाव बनाने लगे। जब वह टालमटोल करने लगा तो वे लोग मनोज को केस करने की धमकी देने लगे। इसके बाद मनोज प्रकाश की बहन को फोन कर जल्द नौकरी लगाने की बात कहते हुए शांत रहने को कहा। कुछ दिन बाद वह बिहार के एक विद्यालय में योगदान देने का एक पत्र भी सौंप दिया। जब प्रकाश ने कहा कि विद्यालय जाकर योगदान दिलाओ, तब मनोज यह कहते हुए कन्नी काटने लगा कि सर्विस बुक धनबाद में है। वहां जाने के बाद ज्वाइङ्क्षनग हो जाएगी। इसके बाद प्रकाश को ठगी का एहसास हुआ। रिश्तेदारों के साथ धनबाद पहुंच मनोज को पकड़कर धनसार थाना को सौंप दिया।

सैलरी के लिए बैंक में भी खाता खुलवाया

मनोज ने अपने साथियों की मदद से इन लोगों का खाता नवादा स्थित पीएनबी बैंक में खुलवा दिया। मनोज ने कहा कि इसी खाते में उन लोगों की सैलरी आएगी। उसने बहुत शातिर तरीके से विजय के खाते में सैलरी के नाम पर 17 हजार रुपये भी भेज दिया, ताकि इन लोगों को ठगी का एहसास न हो। शातिर मनोज ने नवादा के प्राथमिक विद्यालय बेला अंचल अकबरपुर में अप्रशिक्षित शिक्षक के पद पर नियुक्ति का पत्र भी इन लोगों को दिया था।

दोनों के बीच पैसा का लेनदेन गिरिडीह जमुआ में हुआ था। इसलिए मामला जमुआ थाना का है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच समझौता करा मनोज को अभी छोड़ दिया गया।

- राज कपूर, धनसार थाना प्रभारी।

Edited By Mritunjay

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