रानी देवी हत्याकांड के अभियुक्त डा. प्रवीण को पुलिस लेगी रिमांड पर

शहर के चर्चित रानीदेवी हत्याकांड मामले में मंडल कारा में बंद डा.

JagranPublish: Fri, 14 Jan 2022 06:56 PM (IST)Updated: Fri, 14 Jan 2022 06:56 PM (IST)
रानी देवी हत्याकांड के अभियुक्त डा. प्रवीण को पुलिस लेगी रिमांड पर

संवाद सहयोगी, चतरा : शहर के चर्चित रानीदेवी हत्याकांड मामले में मंडल कारा में बंद डा. प्रवीण कुमार को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ करेगी, ताकि हत्याकांड से जुड़ा सच सामने आ सके। आरोपित डा. प्रवीण को रिमांड पर लेने के लिए सदर थाना पुलिस लव कुमार ने बुधवार को न्यायालय में अर्जी लगाई है। न्यायालय के आदेश के बाद उसे रिमांड पर लेकर सघन पूछताछ की जाएगी। घटना के सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन हत्या के कारणों का पता नही कर पाया है। शहर में अलग-अलग चर्चा चल रही है। पुलिस भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। घटना के मुख्य आरोपित मृतका के पति प्रशांत अग्रवाल व देवर डा. प्रवीण कुमार को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। घटना के और दूसरे नामजद अभियुक्त ससुर निर्मल अग्रवाल और सास तथा देवरानी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यहां बता दें कि रानीदेवी हत्या के दूसरे दिन दस जनवरी को ही पुलिस ने उसके पति प्रशांत कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद 11 जनवरी को पुलिस ने देवर डा. प्रवीण को डालटनगंज से गिरफ्तार किया। पूछताछ के क्रम में डा. प्रवीण ने संतोषजनक जवाब नही दिया है। जिसके कारण बहुत सारे राज का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर सदर थाना पुलिस ने डा. प्रवीण कुमार को रिमांड पर लेने की अर्जी लगाई है। यहां बता दें कि आठ जनवरी को गर्भपात कराने के लिए तैयार नहीं होने पर रानी देवी की हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव ठिकाने लगा दिया। इस बाबत मृतका के चाचा भागी साव सदर थाने में पति प्रशांत अग्रवाल, ससुर निर्मल अग्रवाल और सास तथा चिकित्सक दंपति डाक्टर प्रवीण कुमार अग्रवाल और डा. सपना अग्रवाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। विवाहिता चतरा जिले के पत्थलगडा थाना क्षेत्र के पुंडरा गांव की रहने वाली थी।

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हत्या के कारणों का नही चला पता

रानीदेवी हत्या के कारणों का पता अबतक नही चल सका है। पुलिस हर पहलु की गंभीरता से जांच कर रही है। हत्याकांड में संलिप्त डा. प्रवीण व प्रशांत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके बावजूद संशय बना हुआ है। आरोपितों का कहना था कि रानी कोरोना पाजिटिव थी। सदर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। देर रात उसकी तबीयत खराब हो गई थी। उसे सदर अस्पताल ले गए थे। जहां ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने उसे रेफर कर दिया था। इस बीच उसकी मौत हो गई। वहीं मृतका के चाचा भागी साव का आरोप है कि उसके ससुराल वालों ने गर्भपात नही कराने पर उसकी भतीजी की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को ठिकाने लगा दिया। सदर अस्पताल के दो चिकित्सक शक के दायरे में

सदर अस्पताल के दो चिकित्सक शक के दायरे में है। पुलिस दोनों चिकित्सकों को बारी-बारी से बुलाकर पूछताछ कर रही है। चूंकि घटना की रात सदर अस्पताल में तैनात डाक्टर ने आरोपित डा. प्रवीण कुमार के कहने पर बिना पड़ताल किए रानी को रेफर कर दिया था। इस बाबत उसने चार पर्चा भी बनाए थे, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सूत्रों की मानें तो एक डाक्टर ने बिना जांच किए कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट बना दिया। हालांकि इन पहलुओं पर पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन स्वयं जांच कर रहे हैं।

Edited By Jagran

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