बोकारो में मगही व भोजपुरी भाषा के विरुद्ध आंदोलन

जागरण टीम बोकारो मगही व भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के विरोध में श

JagranPublish: Sat, 29 Jan 2022 12:34 AM (IST)Updated: Sat, 29 Jan 2022 12:34 AM (IST)
बोकारो में मगही व भोजपुरी भाषा के विरुद्ध आंदोलन

जागरण टीम, बोकारो : मगही व भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के विरोध में शुक्रवार को अलग-अलग संगठनों ने विरोध दर्ज कराया और सीएम का पुतला फूंका। इस कड़ी में रामडीह में स्थानीय लोगों की बैठक पूर्व मंत्री उमाकांत रजक की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान विधानसभा का घेराव करने, 30 जनवरी के मानव श्रंखला कार्यक्रम को समर्थन देने, 20 फरवरी तक हस्ताक्षर अभियान चलाने व विधान सभा सत्र के दौरान धरना देने का निर्णय लिया गया। पूर्व मंत्री रजक ने कहा कि भाषाई आंदोलन झारखंडियों के अस्मिता से जुड़ा हुआ है। भाषा को बचाने के लिए हमें जान भी देना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे। गोमिया विधायक डा. लंबोदर महतो ने कहा कि भाषा झारखंड़ियों के अस्मिता से जुड़ा हुआ है। इसके लिए जान भी न्योछावर करना पड़े तो हम पीछे नहीं हटेंगे। मौके पर बोकारो जिलाध्यक्ष सचिन महतो, काशीनाथ नाथ सिंह, मंटू महतो, राजदेव माहथा, शत्रुघ्न महतो, पुनीत महतो, हलधर महतो, अश्विनी महतो आदि उपस्थित थे।

झारखंडी भाषा संघर्ष समिति के बैनर तले धनबाद पुरुलिया पथ संथालडीह मोड़ स्थित महतो ढाबा में प्रेस वार्ता हुई। जिप सदस्य राजेश महतो ने कहा कि धनबाद व बोकारो जिला में झारखंड सरकार द्वारा भोजपुरी,मगही और अंगीका भाषा को नियोजन नीति में शामिल किया गया है जो बिल्कुल गलत है। इसके विरुद्ध झारखंडी भाषा संघर्ष समिति ने बंगाल सीमा नगेन मोड़ से धनबाद जिले का महुदा मोड़ तक 40 किलोमीटर तक मानव श्रृंखला बनाकर सरकार की इस गलत नीति का विरोध 30 जनवरी को करने का निर्णय लिया है। मंच के राजाराम शर्मा, उपेन सिंह चौधरी ,त्रिवेणी शर्मा,संदीप चौधरी,भगवान दास शर्मा,सीताराम माहथा, कैलाश सिंह चौधरी एवं शंम्भू नाथ सिंह आदि थे।

चास प्रखंड के मधुनियां में झारखंडी भाषा संघर्ष समिति की बैठक हुई। बोकारो व धनबाद जिला में भोजपुरी व मगही भाषा को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने के खिलाफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाकर आक्रोश व्यक्त किया। अध्यक्षता श्रीनाथ महतो व संचालन अजय कुमार महतो ने किया। जगन्नाथ रजवार , परशुराम महतो , जे पी महतो , अर्जुन रजवार , गोपाल रजवार , शंकर महतो , गया राम महतो , रामलाल महतो, संजीत कुमार महतो , गंगाधर महतो , रविश्वर महतो , मुकेश बाउरी , मिहिर केटियार , जहांगीर हुसैन आदि थे। चंदनकियारी की सिलफोर पंचायत में जोहार सिलफोर फाउंडेशन के बैनर तले युवाओं ने बोकारो व धनबाद जिले में भोजपूरी, मगही व अंगिका को क्षेत्रीय भाषा में शामिल करने के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली। सुभाष महतो, रूपेश महतो, धनंजय महतो, जयचंद महतो, पंकज महतो, दीपक महतो, राजेश महतो, शंकर महतो, काजल दास, दिनेश कालिदी आदि दर्जनों शामिल थे।

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कसमार व दु्ग्दा में भी विरोध कसमार प्रखंड की मंजूरा पंचायत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला जलाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व मिथिलेश कुमार महतो ने किया। मौके पर मिथिलेश कुमार महतो, अरुणा देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, ममता देवी, नमिता देवी, पार्वती देवी, तुलेश्वरी देवी, तारा देवी, खेरिया देवी, पिगला देव्या, उर्मिला देवी, विणी देवी, मीना देवी, गायत्री देवी, मालती देवी, सहदेव झारखंडी, उमेश महतो, सोनू महतो आदि थे। दुग्दा में झारखंडी भाषा संघर्ष समिति ने सिजुवा,परसाटांड दुगदा बस्ती,करमाटांड़ ,चंदुवाडीह एवं बुढ़ीडीह गांव तक पैदल मार्च निकालकर जन जागरण अभियान चलाया। मौके पर राजेश कुमार महतो, ओम प्रकाश महतो, परमेश्वर महतो, कुलदीप महतो, मुकेश महतो, राजेंद्र महतो, पंकज महतो, सोनू महतो, मंजू महतो, राजा महतो समेत दर्जनों युवक शामिल थे।

Edited By Jagran

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