औरों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं अनीसा व सुरभि

संवाद सहयोगी, रियासी : ज्योतिपुरम में हुए आइकानिक डे कार्यक्रम में मुस्कान चैरिटेबल ट्रस्ट कटड़ा के व

JagranPublish: Sun, 21 Nov 2021 06:35 AM (IST)Updated: Sun, 21 Nov 2021 06:35 AM (IST)
औरों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं अनीसा व सुरभि

संवाद सहयोगी, रियासी : ज्योतिपुरम में हुए आइकानिक डे कार्यक्रम में मुस्कान चैरिटेबल ट्रस्ट कटड़ा के वे दिव्याग प्रतिभागी आकर्षण का केंद्र व औरों के लिए प्रेरणास्नोत रहे, जिनमें कई चल-फिर नहीं सकते तो कुछ देख-सुन नहीं सकते। इसके बावजूद उनके चेहरे की मुस्कान और जिंदादिली का हर कोई कायल हो गया।

कार्यक्रम में 21 वर्षीय अनीसा बानो को उसकी मा प्रवीण अख्तर व्हील ट्राली पर लेटाकर मंच पर लाई तो हर कोई हक्का-बक्का रह गया। प्रवीण अख्तर ने अपने हाथ से माइक पकड़ कर अनीसा के आगे किया और फिर अनीसा ने चेहरे पर प्यारी मुस्कान लाते हुए 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गीत की प्रस्तुति दी।

राजौरी जिले के लंबेड़ी राजल निवासी दौलत हुसैन व प्रवीण अख्तर की पाच संतानों में से अनीसा सबसे बड़ी है, जोकि जन्म से ही दिव्याग है। वह पिछले कुछ समय से मुस्कान संस्था से जुड़ी है। प्रवीण अख्तर ने बताया कि अनीसा बानो की पहले एक बाजू में कुछ हरकत थी, लेकिन अब वह भी बंद हो गई है। वह बोल व सुन सकती है, इसके अलावा और कुछ नहीं कर सकती। वहीं, अनीसा से बात करने पर उन्होंने बताया कि वह घर में अपनी मा प्रवीण अख्तर को अक्सर गीत गाते सुनती थीं, जिससे उन्हें भी गाने का शौक पैदा हो गया।

मुस्कान ट्रस्ट से जुड़ी कटड़ा की सुरभि न बोल पाती है और न सुन पाती है, लेकिन इसके बावजूद अपनी बहनों से उन्होंने नृत्य की इस कदर कड़ी ट्रेनिंग ली है कि गीत और धुन की हर बारीकी को अनुभव कर शानदार नृत्य करती हैं। आइकानिक डे कार्यक्रम में सुरभि का नृत्य देखकर हर कोई निशब्द हो गया। इसके अलावा देखने में असमर्थ दो अन्य दिव्याग प्रतिभागियों ने गीत की प्रस्तुति कर दर्शकों की तालिया बटोरी।

इन दिव्यागों की जिंदादिली और जोश उन लोगों के लिए प्रेरणास्नोत है, जिन्हें किसी मामूली बात पर भी अपना जीवन नीरस महसूस होता हो। वहीं, मुस्कान चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान संदीप मेहरा ने बताया कि ये बच्चे दिल्ली, कोलकाता, पंजाब, हिमाचल प्रदेश सहित कई अन्य जगहों पर कार्यक्त्रमों में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2012 से कटड़ा में नवरात्र फेस्टिवल में भी भाग

लेते हैं। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के तीन बच्चों को राष्ट्रपति अवार्ड भी मिल चुका है। मंच से उन्होंने सलाल पावर स्टेशन प्रभारी एन राम से एक क्वार्टर की माग करते हुए कहा कि अगर ज्योतिपुरम में क्वार्टर दिलाया जाए तो दिव्याग बच्चों की शिक्षा-दीक्षा शुरू की जाएगी।

Edited By Jagran

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