31 मार्च से पहले माहौर पीडब्ल्यूडी के रिकार्ड रूम में लगी आग

31 मार्च से 30 मार्च की रात में रियासी जिले के माहौर में पीडब्ल्यूडी कार्यालय के रूम में आग लग गई जिससे विभाग का कुछ रिकार्ड जल गया। आग के कारणों का फिलहाल कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने रिकार्ड रूम और उसके जले व अधजले सभी दस्तावेज सहित पूरे रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया हैं।

JagranPublish: Fri, 01 Apr 2022 08:06 AM (IST)Updated: Fri, 01 Apr 2022 08:06 AM (IST)
31 मार्च से पहले माहौर पीडब्ल्यूडी के रिकार्ड रूम में लगी आग

संवाद सहयोगी, रियासी : 31 मार्च से 30 मार्च की रात में रियासी जिले के माहौर में पीडब्ल्यूडी कार्यालय के रूम में आग लग गई, जिससे विभाग का कुछ रिकार्ड जल गया। आग के कारणों का फिलहाल कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने रिकार्ड रूम और उसके जले व अधजले सभी दस्तावेज सहित पूरे रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया हैं।

प्रत्येक सरकारी विभाग के लिए अति महत्वपूर्ण 31 मार्च से चंद घंटे पहले रिकार्ड रूम में आग लगने से लोग अलग-अलग कयास लगा रहे हैं। बताया जाता है कि बुधवार रात करीब नौ बजे माहौर के पीडब्ल्यूडी कार्यालय के रिकार्ड रूम में आग लग गई। जिस समय यह घटना हुई तब कार्यालय बंद था। आग की घटना का पता चलने पर आस-पड़ोस के लोग वहां एकत्र हो गए। कुछ लोगों ने इसकी जानकारी विभाग के लोगों को दी। मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझा दी। इस रिकार्ड रूप में पीडब्ल्यूडी का माहौर क्षेत्र का रिकॉर्ड रखा गया था, जिनमें कुछ दस्तावेज पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इस घटना की जानकारी मिलने पर विभाग का कुछ स्टाफ रात को ही मौके पर पहुंच गया तो उधर पुलिस ने रिकार्ड रूम तथा उसमें पड़े सभी सरकारी दस्तावेज कब्जे में ले लिए। इस घटना से लोगों की ओर से विभाग पर कई तरह के आरोप लगाए जाने लगे हैं। कइयों ने आरोप लगाया कि इस साल का लेखा जोखा 31 मार्च को पूरा किया जाना था, लेकिन रिकार्ड के नष्ट हो जाने से कई बातें तथा जानकारी भी नष्ट हो गई। अब इस घटना की आड़ में कई ऐसी बातों को छुपाने के प्रयास किए जाएंगे, जिनके सार्वजनिक हो जाने से विभाग तथा स्टाफ के कई मुलाजिमों की जवाबदेही बनती होगी। ऐसे लोगों की भी कोई कमी नहीं रही, जिन्होंने रिकार्ड रूप को जानबूझकर या सोची समझी साजिश के तहत आग लगाने के आरोप लगाए।

कोट

रिकार्ड रूम में आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चला है। इस बारे में पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। रिकार्ड पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं, जब पुलिस की ओर से उन्हें रिकार्ड ं सौंपा जाएगा, तब ही पता चलेगा कि किस तरह के रिकार्ड को या फिर उन्हें कितना नुकसान पहुंचा है।

-जितेंद्र पाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी माहौर

Edited By Jagran

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