जर्जर क्वार्टरों को लेकर तलवाड़ा विस्थापितों ने जताई नाराजगी

संवाद सहयोगी रियासी तलवाड़ा विस्थापित कालोनी के पहले से ही जर्जर क्वार्टरों की बारिश के

JagranPublish: Mon, 24 Jan 2022 06:32 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 06:32 AM (IST)
जर्जर क्वार्टरों को लेकर तलवाड़ा विस्थापितों ने जताई नाराजगी

संवाद सहयोगी, रियासी : तलवाड़ा विस्थापित कालोनी के पहले से ही जर्जर क्वार्टरों की बारिश के कारण हालत और भी खराब हो गई है, जिसको लेकर विस्थापितों ने परेशानी जताते हुए क्वार्टरों की हालत सुधारने की मांग फिर से दोहराई है।

तलवाड़ा एक्शन कमेटी के प्रधान जगदेव सिंह ने बताया कि विस्थापित कालोनी के क्वार्टर लगभग साढ़े चार दशक पुराने हैं, जिनकी बनाए जाने के बाद कभी मरम्मत नहीं हुई। दीवारें और छत पर डाली गई सीमेंट की चादरें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे बारिश का पानी क्वार्टरों के भीतर टपकता है। विस्थापित किसी तरह से छत पर प्लास्टिक के टुकड़े व तिरपाल डालकर गुजारा करते रहे हैं, लेकिन अब मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लगातार बारिश के दौरान क्वार्टरों में पानी भीतर टपकता है, जिससे न केवल भीतर रहना मुश्किल हो जाता है बल्कि घरेलू सामान को भी बचाने की जद्दोजहद करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि जब कश्मीर और जम्मू संभाग के विस्थापितों ने आतंकवाद का दर्द एक समान झेला है तो फिर सरकारी सहायता में भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्हें भी कश्मीरी विस्थापितों की तरह आवासीय सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले सरकारी स्तर पर विस्थापित कालोनी का जायजा लिया गया था तो विस्थापितों को भी कालोनी की हालत सुधारे जाने की उम्मीद बंध गई थी, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। जगदेव ने बताया कि रविवार को बारिश कुछ थमी तो अधिकतर विस्थापितों को सबसे पहले छतों पर डाली तिरपाल व प्लास्टिक के टुकड़ों को ठीक करने का काम करना पड़ा, लेकिन इस तरह भला कब तक समय निकाला जा सकता है। क्योंकि हवा और धूप से तिरपाल भी कुछ दिनों बाद जवाब दे जाता है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही विस्थापितों की आवासीय सुविधा को सुधारा नहीं गया तो उन्हें संघर्ष के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

Edited By Jagran

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