रामकोट में हो रही गंदे पानी की सप्लाई, रोष

संवाद सहयोगी रामकोट जल शक्ति विभाग द्वारा कस्बा रामकोट और इसके साथ लगते गांवों में निरंत

JagranPublish: Tue, 18 Jan 2022 05:00 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 05:00 AM (IST)
रामकोट में हो रही गंदे पानी की सप्लाई, रोष

संवाद सहयोगी, रामकोट: जल शक्ति विभाग द्वारा कस्बा रामकोट और इसके साथ लगते गांवों में निरंतर गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। कई बार विभाग से शिकायत करने के बावजूद जल शक्ति विभाग के कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आ रहा।

लोगों का कहना है कि कुछ लोग शौचालय और गटर का पानी भी नाले में बहा देते हैं और विभाग के कर्मचारी पानी को फिटकरी से साफ तक नहीं करते, बल्कि बिना फिल्टर किए पानी की सीधी सप्लाई करते हैं। हालांकि, स्थानीय लोग प्राकृतिक बावालियों का ही पानी पीते हैं और जल शक्ति विभाग द्वारा सप्लाई किए जाने वाले इस पानी का पीने के रुप में इस्तेमाल नहीं करते, परंतु राहगीर और यात्री लोग सार्वजनिक स्थानों, वाटर कूलर और टंकियों में सप्लाई किए जाने वाला पानी पीते हैं। इस कारण इस प्रदूषित पानी के पीने से कई तरह की बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। लोगों ने विभाग से जल्द से जल्द नई वाटर सप्लाई स्कीम को पूरा कर लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करने की मांग की है।

इस संबंधी जल शक्ति विभाग के एडबल ई अनिल जंजुआ का कहना है कि वे खुद फिल्ट्रेशन प्लांट का दौरा कर जांच करेंगे।

उधर, बिलावर उपजिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर दूर देवल पंचायत के टिल्ला वार्ड के लोग आजादी के 75 वर्ष बाद भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पीने के लिए स्वच्छ पानी और चलने लायक सड़क मुहैया करवानी चाहिए।

टिल्ला के पंच तरुण सिंह, कैप्टन ओंकार सिंह, दीवान सिंह, तीर्थ राम, मान सिंह आदि ने बताया कि आज भी पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं नसीब हुआ है। गुरु नाल का पानी अन्य क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन उन लोगों के कंठ आज भी अपने पेयजल स्त्रोत का पानी नहीं मिलने से सूखे हैं। टिल्ला को जाने वाली सड़क का निर्माण पिछले 15 वर्षो से हो रहा है और फंड्स की कमी और विभाग की लेटलतीफी के कारण और ना जाने कितने साल सड़क निर्माण में लग जाएंगे। टिल्ला के लोगों ने बताया कि पिछले महीने ब्लॉक दिवस कार्यक्रम के दौरान बिलावर पहुंचे डीसी से ग्रामीणों की सुध लगाने की गुहार लगाई गई थी। जिसके बाद भी समस्या का उचित समाधान नहीं हो पाया है।

Edited By Jagran

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