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महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओ ने दी पूर्णाहुति

पथवाल स्थित श्री द्वारिकादीश गोशाला परिसर में युगपुरुष श्री द्वारिका नाथ शा ी जी महाराज की असीम कृपा से चल रहे श्री गौ गोपाल महायज्ञ के अखिरी दिन पूर्णाहूति के साथ विश्राम दे दिया गया। यज्ञ के आखिरी दिन भी विधिपूर्वक पूजन किया गया जिसके बाद पराश्चित होम कर गौ दान किया गया। इस 11 दिवसीय महायज्ञ में जम्मू कश्मीर पंजाब हरियाणा हिमाचल प्रदेश दिल्ली से काफी संख्या में लोगों ने सम्मलित होकर अपना योगदान दिया।

By JagranEdited By: Published: Thu, 17 Oct 2019 06:55 PM (IST)Updated: Thu, 17 Oct 2019 06:55 PM (IST)
महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओ ने दी पूर्णाहुति
महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओ ने दी पूर्णाहुति

संवाद सहयोगी, हीरानगर: पथवाल स्थित श्री द्वारिकाधीश गोशाला परिसर में श्री द्वारिकानाथ शास्त्री जी महाराज की कृपा से चल रहे श्री गौ गोपाल महायज्ञ के आखिरी दिन पूर्णाहूति के साथ विश्राम दे दिया गया। यज्ञ के आखिरी दिन भी विधिपूर्वक पूजन किया गया, जिसके बाद प्रायश्चित होम कर गौ दान किया गया।

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इस 11 दिवसीय महायज्ञ में जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली से काफी संख्या में लोगों ने सम्मलित होकर अपना योगदान दिया। इस दौरान आई हुई संगत में देशभक्ति की भावना पर बनाए रखने के लिए रोजाना की तरह पंडाल में 12 बजे ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के बाद युवाओं को संबोधित करते हुए गंगाधर जी महाराज जी ने बताया कि भारतवासियों को अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए लाखों कुर्बानियां देनी पड़ी है। अगर हम चाहें कि आजीवन व आने वाली पीढ़ी भी ऐसे ही राष्ट्रीय ध्वज फहराते रहे तो युवाओं को नशे जैसी गंभीर समस्या को छोड़कर देशभक्ति की ओर बढ़ना चाहिए, ताकि देश फिर से संपन्न व सकुशल हो।

वहीं, पंडाल में रूहानी सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब से आए नरोत्तम शर्मा ने हरि का गुणगान कर लोगों को रूहानी मस्ती में झूमने को मजबूर किया। इस मौके पर गंगाधर जी महाराज ने बताया कि आज इस महायज्ञ का पूर्णाहूति के साथ यज्ञ संपन्न हो गया, जिसके लिए सभी को बहुत-बहुत बधाई है। नौ दिन श्री गोपाल सह नाम, श्रीमद्भागवत गीता जी व दुर्गा सप्तशती जी की स्तुति की और आशा करते हैं कि वह अपनी ²ष्टि हम पर हमेशा बनाए रखेंगे। इस यज्ञ को सफल तब माना जाएगा, जब ग्यारह दिनों तक हुई हरिनाम चर्चा व महान संतों द्वारा दी गई शिक्षा को अपने जीवन में अपनाएंगे।


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