जम्मू : सड़क दुर्घटना में घायल हुई ज्योति देवी ने कहा-जरूरतमंदों को नई जिंदगी दे रही सेहत योजना

ज्योति की तरहजम्मू के आरएस पुरा निवासी अंकुश कुमार का कहना है कि वह किडनी की समस्या से पीड़ित थे और डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल सर्जरी की सलाह दी। लेकिन परिवार खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं था। हम गरीब लोग हैं।

Rahul SharmaPublish: Tue, 18 Jan 2022 10:31 AM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 10:31 AM (IST)
जम्मू : सड़क दुर्घटना में घायल हुई ज्योति देवी ने कहा-जरूरतमंदों को नई जिंदगी दे रही सेहत योजना

जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के बाड़ी ब्राह्मणा की 40 वर्षीय महिला ज्योति देवी की कुछ महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में उसे पैर की हड्डी टूट गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दुर्घटना ने उसके पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। वे जानते थे कि इलाज का खर्च वहन नहीं कर सकते।अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि इलाज की अनुमानित लागत लगभग 50 हजार रुपये है।

ज्योति के पति एक दर्जी हैं और खर्चों को पूरा करना उनकी पहुंच से बाहर था। किसी तरह उन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में पता चला, जो परिवार के लिए आशा की किरण बनकर आई।वह विशेष इलाज के लिए पठानकोट गए।उन्होंने सेहत कार्ड से निशुल्क इलाज करवाया।

ज्योति का कहना है कि यह उनके लिए किसी करिश्मे से कम नहीं था।ज्योति ही नहीं इस तरह के कई मरीज हैं जो कि सेहत योजना से अपना इलाज करवा रहे हैं। ज्योति का कहना है कि उस दिन से वह अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बीच योजना के बारे में जागरूकता फैला रही है। अधिकांश परिवारों ने अपना पंजीकरण करा लिया है और इससे लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

ज्योति की तरह, जम्मू के आरएस पुरा निवासी अंकुश कुमार का कहना है कि वह किडनी की समस्या से पीड़ित थे और डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल सर्जरी की सलाह दी। लेकिन परिवार खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं था। हम गरीब लोग हैं। पिता एक मजदूर थे जिनकी पिछले साल मृत्यु हो गई थी। इलाज के लिए जाना असंभव हो गया था।

तब मुझे सेहत योजना के बारे में पता चला। मैं गांधी नगर जम्मू के एक निजी नर्सिंग होम में गया। इलाज की लागत लगभग 40 हजार रुपये थी, और वही सेहत कार्ड के तहत मुफ्त में इलाज किया जाता था।अब मेरा स्वास्थ्य अच्छा है और मैं गंग्याल में एक कारखाने में नौकरी कर रहा हूं और अपने परिवार के साथ खुशी से रह रहा हूं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जम्मू संभाग में अब तक लगभग 29 लाख लाभार्थियों को पंजीकृत किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पंजीकरण प्रक्रिया में तेजी लाई है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 31 मार्च, 2022 की समय सीमा निर्धारित की है।

Edited By Rahul Sharma

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept