जम्मू-कश्मीर : कोविड मरीजों के लिए अलग से रखें डायलिसेस मशीनें, एम्स अवंतीपोरा को दी 272 कनाल और भूमि

निजी अस्पतालों को भी कम से कम एक डायलिसेस मशीन कोविड के मरीजों के लिए अलग रखने को कहा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में लगातार बढ़ रहे कोरोना के कारण बहुत से किडनी रोगों के मरीज भी संक्रमित हो रहे हैं।

Rahul SharmaPublish: Sat, 22 Jan 2022 11:08 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 11:08 AM (IST)
जम्मू-कश्मीर : कोविड मरीजों के लिए अलग से रखें डायलिसेस मशीनें, एम्स अवंतीपोरा को दी 272 कनाल और भूमि

जम्मू, राज्य ब्यूरो : स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर ने सभी जिलों के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों से जिला और उप जिला अस्पतालों में कोविड के मरीजों के लिए अलग से एक या दो डायलिसेस मशीनें अलग से रखने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी अस्पतालों को भी कम से कम एक डायलिसेस मशीन कोविड के मरीजों के लिए अलग रखने को कहा। उन्होंने कहा कि कश्मीर में लगातार बढ़ रहे कोरोना के कारण बहुत से किडनी रोगों के मरीज भी संक्रमित हो रहे हैं। इन मरीजों को कोई भी परेशानी न आए, इसके लिए यह जरूरी है किउनके लिए अलग से व्यवस्था की जाए।

एम्स अवंतीपोरा को दी 272 कनाल और भूमि : जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अवंतीपोरा के लिए 272 कनाल और भूमि का अधिग्रहण किया है। यह एम्स दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में बन रहा है। राजस्व विभाग ने भूमि अधिग्रहित करने की अधिसूूचना जारी की है। सरकार ने पिछले वर्ष ही इस भूमि को अधग्रहित करने की प्रक्रिया शुरू की थी और इसके लिए लोगों से आपत्तियां भी मांगी गई थी। हालांकि कुछ लोगों ने आपत्तियां दर्ज भी करवाई थी लेकिन सार्वजनिक हित के लिए भूमि लेने के कारण और आपत्तियों में कोई भी आधार न होने पर इन्हें रद कर दिया गया। यह एम्स भी प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत ही बनाया जा रहा है। इस पर कुल 1828 करोड़ रुपये खर्च आ रहे हैं। साल 2025 में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग इसका निर्माण करवा रहा है।

क्लस्टर विवि जम्मू में पीजी की आनलाइन कक्षाएं 24 जनवरी से : क्लस्टर विश्वविद्यालय जम्मू के विभिन्न पोस्ट ग्रेजुएट काेर्स, एकीकृत बीएड व एमएड कोर्स के पहले सेमेस्टर के नए अकादमिक सत्र की आनलाइन कक्षाएं 24 जनवरी से शुरू होगी। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के 2021 अकादमिक सत्र के पहले सेमेस्टर की कक्षाएं अब शुरू की जा रही हैं क्योंकि कोरोना से उपजे हालात के कारण सत्र छह महीने देरी से शुरू किया जा रहा है। हालांकि विश्वविद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी की गई थी लेकिन कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के कारण उच्च शिक्षण संस्थानों को बंद किया गया है।

Edited By Rahul Sharma

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