Jammu Kashmir: विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के आर्च का काम पूरा, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी बधाई

जम्मू संभाग के रियासी जिले में चिनाब दरिया पर बन रहे विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल की आर्च का निर्माण सोमवार को पूरा हो गया है। आर्च के अंतिम हिस्से को जोड़ने के इतिहासिक क्षणों के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी।

Lokesh Chandra MishraPublish: Mon, 05 Apr 2021 06:27 PM (IST)Updated: Mon, 05 Apr 2021 06:27 PM (IST)
Jammu Kashmir: विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के आर्च का काम पूरा, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी बधाई

रियासी, जागरण संवाददाता : जम्मू संभाग के रियासी जिले में चिनाब दरिया पर बन रहे विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल की आर्च का निर्माण सोमवार को पूरा हो गया है। आर्च के अंतिम हिस्से को जोड़ने के इतिहासिक क्षणों के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड के सीईओ एवं अध्यक्ष सुनीत शर्मा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये निर्माण कार्य की साइट एवं वहां आयोजित कार्यक्रम से जुड़े। जबकि उत्तर रेलवे एवं निर्माण विभाग के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल सहित निर्माण विभाग के कई आला अधिकारी वर्क साइट पर उपस्थित रहकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।

पुल की अर्धचंद्राकार आर्च के निर्माण कार्य को कुछ दिन पहले ही लगभग पूरा कर लिया गया था, लेकिन काम को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए आर्च के मध्य में 5.6 मीटर भाग को जोड़ना बाकी रह गया था, जिसे सोमवार को पूरा कर लिया गया। जैसे ही यह काम पूरा हुआ तो निर्माण टीम द्वारा हाउ द जोश, हाई सर... और भारत माता के जय घोष लगाए गए। जबकि वहां उपस्थित हर किसी ने देश के लिए इतिहास बने इस क्षण पर तालियां बजाकर अपनी खुशी व्यक्त की।

इस मौके पर काम की साइट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में उपस्थित रेलवे के आला अधिकारियों ने बताया कि रेलवे के इतिहास में विश्व के सबसे ऊंचे निर्माणाधीन इस पुल की आर्च का काम सबसे चुनौतीपूर्ण भाग था, जिसका पूरा हो जाना देश तथा देशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस चुनौती से पार पाकर मिलने वाली खुशी को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने आर्च का काम पूरा करने वाले इंजीनियरों तथा बाकी टीम को बधाई देकर उनके इस काम को इंजीनियरिंग की बेजोड़ मिसाल करार दिया।

इस पुल और आर्च निर्माण की खास बातें

  • देश में पहली बार इसी पुल की आर्च को बनाने के लिए ओवरहेड केबल क्रेन का इस्तेमाल किया गया है।
  • आर्च से भी ऊंचाई पर लगाई इसकी केबल का एक सिरा कौड़ी तो दूसरा बक्कल में है।
  • आर्च में 28660 मीट्रिक टन फैब्रिकेशन स्टील का इस्तेमाल हुआ।
  • 10 लाख क्यूबिक मीटर अर्थ वर्क और 66,000 क्यूबिक मीटर कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ।
  • आर्च निर्माण साइट पर निर्माण सामग्री ले जाने के लिए 26 किलोमीटर मोटरेबल सड़क बनाई गई।
  • यह पुल कटड़ा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर लंबी रेलवे ट्रैक के बीच रियासी जिले के कौड़ी व बक्कल इलाके में चिनाब पर बन रहा है।
  • यह पुल दुनिया में सबसे ऊंचा रेलवे आर्च पुल होगा जो एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा 359 मीटर होगी।
  • इस पुल की लंबाई 1.3 किलोमीटर और चौड़ाई 13 मीटर है।
  • पुल के दोनों छोर को आपस में जोड़ने के लिए चिनाब दरिया पर 560 मीटर लंबी स्टील फैब्रिकेशन की अर्धचंद्राकार आर्च बनाई गई है।

डेक सिगमेंट का काम शुरू होगा

कौड़ी पुल के प्रोजेक्ट मैनेजर विश्वमूर्ति ने बताया कि 5 अप्रैल को फाइनल सेगमेंट को जोड़कर पुल की आर्च का काम पूरा कर लिया है। अब यह खुद ही अपना वजन संभाल लेगी। उन्होंने बताया कि कि यहां हवा काफी तेज चलती है। पुल को ऐसा डिजाइन किया गया है कि यह 267 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार वाली हवा को भी झेलने में सक्षम है। यहां

बारिश और तेज हवा में आर्च का काम काफी चुनौतीपूर्ण रहा। जब भी हवा 15 किलोमीटर प्रति सेकंड होने लगती तो काम बंद करना मजबूरी बन जाता था। अब डेक सिगमेंट का काम शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि बाकी काम को जून, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।

Edited By Lokesh Chandra Mishra

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