बागवानों को झटका : सीजन शुरू होने से पहले कार्टन और ट्रे 15 रुपये तक महंगे

सेब सीजन शुरू होने से पहले जिले के बागवानों को झटका लगा है। सेब सीजन शुरू होने से पहले कार्टन व ट्रे के दाम बढ़ गए हैं।

JagranPublish: Thu, 30 Jun 2022 04:32 PM (IST)Updated: Thu, 30 Jun 2022 04:32 PM (IST)
बागवानों को झटका : सीजन शुरू होने से पहले कार्टन और ट्रे 15 रुपये तक महंगे

जागरण संवाददाता, शिमला : सेब सीजन शुरू होने से पहले जिले के बागवानों को झटका लगा है। सेब की पैकिग के लिए कार्टन और ट्रे के दाम में 15 से 18 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। कंपनियों ने अपने स्तर पर यह बढ़ोतरी की है। एचपीएमसी व हिमफेड बागवानों को सस्ते दाम पर कार्टन व पैकेजिग सामान मुहैया करवाने का दावा कर रहा है, लेकिन अभी तक इसके दाम ही तय नहीं हो पाए हैं।

इस बार सेब सीजन 15 दिन पहले शुरू हो गया है। बागवानों ने ओपन मार्केट से कार्टन खरीदना शुरू कर दिया है। मार्केट में प्रति 20 किलो के सफेद कार्टन की दर 70 से 80 रुपये है, जबकि पिछले साल 60 से 70 रुपये प्रति पेटी बिकती थी। ब्राउन कागज के कार्टन 65 से 70 रुपये में मिल रहे हैं। पिछले साल यह 54 से 62 रुपये में बागवानों को मिल रहा है। सेब पैकिग की सौ ट्रे का बंडल इस बार भी 700 से 800 रुपये में मिल रहा है, जबकि पिछले साल यह 550 से 600 रुपये में मिलता था। इससे पहले खाद व कीटनाशक के दाम में भी बढ़ोतरी हो चुकी है। एनपीके व 12-32-16 खाद किसानों को 1700 से 1800 रुपये प्रति बोरी मिल रही है। पोटाश के दाम भी बढ़े हैं। दो साल से नहीं मिल रही कीटनाशक पर सब्सिडी

किसानों और बागवानों को पहले कीटनाशक व फफूंदनाशक दवाओं पर सब्सिडी मिलती थी। सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी किसानों व बागवानों को मुहैया करवाती थी। दो साल से यह सब्सिडी पूरी तरह से बंद है। इसके कारण किसानों व बागवानों को ओपन मार्केट से ही कीटनाशक दवाओं को खरीदना पड़ रहा है। सेब की पेटी मंडी तक पहुंचाने में आता है 500 रुपये तक का खर्च

सेब की लागत काफी ज्यादा बढ़ गई है। खाद, स्प्रे, कार्टन, पैकिग व मंडी तक का किराया यदि मिलाया जाए तो प्रति पेटी 500 रुपये खर्च आता है। जबकि सात से 800 रुपये में ही सीजन में सेब बिकता है। दो साल से इसकी लागत सबसे ज्यादा बढ़ी है। बागवानी मंत्री पहले बगीचे देखें, फिर करें बयानबाजी : मुंगटा

बागवानी कमेटी के अध्यक्ष व जिला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा ने कहा है कि सरकार बागवानों के हित की रक्षा करने में नाकाम हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर कभी कहते हैं कि सेब की बंपर फसल है तो कभी उनका बयान आता है कि सेब का साइज नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री सचिवालय के कमरे से निकल कर पहले बागवानों से मिलें और बगीचों को देखें फिर पता चलेगा कि कितना सेब है। उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया जाएगा प्रदर्शन

जिला परिषद सदस्य पहली जुलाई को कार्टन के दाम बढ़ने के विरोध में शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इसमें सभी सदस्य मौजूद रहेंगे। कार्टन के दाम कम करने, सब्सिडी बहाल करने की मांग सरकार से उठाई जाएगी।

Edited By Jagran

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