15 लोगों में ओमिक्रोन, 1898 लोगों में डेल्टा वैरिएंट

हिमाचल प्रदेश से जांच के लिए दिल्ली गए कोरोना संक्रमितों के सैंपल में से 15 लोगों में ओमिक्रोन पाया गया है।

JagranPublish: Thu, 27 Jan 2022 11:30 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 11:30 PM (IST)
15 लोगों में ओमिक्रोन, 1898 लोगों में डेल्टा वैरिएंट

राज्य ब्यूरो, शिमला : हिमाचल प्रदेश से जांच के लिए दिल्ली भेजे गए कोरोना संक्रमितों के सैंपल में से अब तक 15 लोगों में ओमिक्रोन व 1898 लोगों में डेल्टा वैरिएंट पाया गया है। वहीं, 155 सैंपल की रिपोर्ट 20 दिन से नहीं आई है जबकि कोरोना के सैंपल बढ़ने व कोरोना के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जीन का पता लगाना आवश्यक है।

कोरोना के जीन में आ रहे बदलाव का पता लगाना इसलिए आवश्यक है जिससे इसके संक्रमण की रफ्तार को एहतियात बरत कर रोका जा सके। प्रदेश से अब तक जीनोम सिक्वेंसिग के लिए 3250 सैंपल राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) दिल्ली भेजे गए थे। वहीं, 2036 सैंपल में विभिन्न वैरिएंट मिले हैं। इनमें 113 सैंपल में एल्फा, नौ में कापा और एक सैंपल में साउथ अफ्रीकन वैरिएंट मिला है। ओमिक्रोन के 15 मामलों में छह विदेश यात्री जबकि नौ आम लोग हैं जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं पाई गई है। प्रदेश में बीते दिनों के अवकाश के कारण कोरोना जांच के कम सैंपल लेने के बावजूद 19 से 28 प्रतिशत तक कोरोना के नए मामले आए। स्वास्थ्य विभाग स्पष्ट कर चुका है कि ओमिक्रोन के कारण ही प्रदेश में कोरोना की रफ्तार तेज हुई है। बीते एक सप्ताह के दौरान 50 से अधिक कारेाना संक्रमितों की मौत हुई है। जीनोम सिक्वेंसिग के लिए भेजे सैंपल

प्रयोगशाला,सैंपल भेजे,ओमिक्रोन,डेल्टा,रिपोर्ट आनी

मेडिकल कालेज नाहन,286,01,165,10

चंबा मेडिकल कालेज,276,01,149,05

हमीरपुर मेडिकल कालेज,304,00,199,16

आइजीएमसी शिमला,716,02,438,17

नेरचौक मेडिकल कालेज,389,02,231,23

टांडा मेडिकल कालेज,557,02,325,38

आइएचबीटी पालमपुर,337,00,192,33

सीआरआइ कसौली,332,01,168,09

आरएफएसएल धर्मशाला,53,06,31,04 ओमिक्रोन के लिए अलग से कोई उपचार या बचाव नहीं है। कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक है कि मास्क का इस्तेमाल करें और दो गज की दूरी के साथ हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से बार-बार साफ करें। जीनोम सिक्वेंसिग की अब तक की रिपोर्ट के आधार पर जांच के लिए भेजे गए सैंपल में से 66 प्रतिशत में कोरोना ने अपने जीन को बदला है।

-हेमराज बैरवा, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वासथ्य मिशन, हिमाचल प्रदेश

Edited By Jagran

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