Move to Jagran APP

महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली के व्यापारियों को नोटिस देने की तैयारी

राज्य ब्यूरो शिमला हिमाचल के सेब बागवानों से करोड़ों रुपये डकारने वाले आढ़तियों व व्या

By JagranEdited By: Published: Tue, 16 Jun 2020 04:41 PM (IST)Updated: Tue, 16 Jun 2020 04:41 PM (IST)
महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली के व्यापारियों को नोटिस देने की तैयारी
महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली के व्यापारियों को नोटिस देने की तैयारी

राज्य ब्यूरो, शिमला : हिमाचल के सेब बागवानों से करोड़ों रुपये डकारने वाले आढ़तियों व व्यापारियों को अब फिर से जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। इस संबंध में महाराष्ट्र, कनार्टक और दिल्ली के आरोपितों को नोटिस भेजे जाएंगे। राज्य के क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट (सीआइडी) ने नोटिस देने की तैयारी कर ली है। अगर इन्होंने जल्द प्रभावित बागवानों के बैंक खातों में हड़पी कई राशि नहीं डाली तो गिरफ्तारी होगी।

loksabha election banner

पहले चरण में दस से पंद्रह आरोपितों को नोटिस भेजे जाएंगे। इनमें इन्हें जांच में सहयोग देने को कहा जाएगा, अगर ना नुकर की तो शिमला तलब किया जाएगा। 40 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी

हिमाचल प्रदेश के बागवानों से 2017 से 2020 तक40 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी हुई है। सैकड़ों बागवानों का सेब की कमाई का पैसा आढ़ती, लदानी यानी व्यापारी हड़प गए। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए प्रदेश से बाहर भाग गए। डकारे पैसों के बारे में सौ से अधिक लोगों से पूछताछ पूरी की गई। सौ मामले हैं दर्ज

धोखाधड़ी को लेकर सीआइडी ने सौ एफआइआर दर्ज की हैं। एक साल से विशेष जांच दल (एसआइटी) इन मामलों की जांच कर रहा है। दस करोड़ रुपये प्रभावितों को लौटाने में कामयाबी मिली है। अभी लाखों रुपये इसमें और शामिल होने की उम्मीद है। आधे मामलों में तैयार की केंसलेशन रिपोर्ट

आधे मामलों में सीआइडी ने केंसलेशन रिपोर्ट तैयार की। ये वो मामले हैं, जिनमें बागवानों के सारे पैसे वापस लौटा दिए। लेकिन जहां पैसे देने से इन्कार किया, उन मामलों की सिलसिलेवार चार्जशीट तैयार की गई। यह प्रक्रिया जारी है।

........

कई आरोपितों को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। सौ एफआइआर दर्ज हुई थी। आरोपितों में हिमाचली और गैर हिमाचली दोनों हैं। पहले भी कई गिरफ्तारी हुई थी। इनमें महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के आरोपित शामिल हैं। सभी मामलों की जांच पूरी करने में अभी वक्त लगेगा।

-वीरेंद्र कालिया, पुलिस अधीक्षक एवं एसआइटी मुखिया, सीआइडी।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.