आधे से ज्यादा रूट बंद, बसों में ओवरलोडिंग

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने जिले में एक दिन के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। इस दौरान बसें भी आधे रूटों पर ही चलीं जिससे कुछ बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भी बैठाई गई।

JagranPublish: Sun, 16 Jan 2022 04:44 PM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 04:44 PM (IST)
आधे से ज्यादा रूट बंद, बसों में ओवरलोडिंग

जागरण संवाददाता, शिमला : कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने जिले में एक दिन के लिए बाजार बंद रखने का आदेश दिया है। इसका असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। बाजार बंद होने और लोगों की चहलपहल कम होने के चलते हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) और निजी बस आपरेटरों ने रविवार को आधे से ज्यादा रूटों पर बस सेवा बंद रखी। इससे जो बसें चलीं उनमें काफी भीड़ रही। कई बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई।

पथ परिवहन निगम की लोकल व ग्रामीण क्षेत्रों पर करीब 150 बसें चलती हैं, लेकिन रविवार को आधे से ज्यादा रूट बंद रहे। हालांकि निगम ने पहले 10 रूट को क्लब किया था। रविवार को सवारियां न होने के चलते लोकल रूटों पर बसें ही नहीं भेजी गई। इसी तरह शिमला शहर में 106 निजी बसें चलती हैं। रविवार को 10 ही रूटों पर बसें चलीं। शहर के सभी उपनगरों के लिए निजी बस आपरेटरों ने बसें नहीं चलाई। बसें न चलने से लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा।

रविवार को उपनगरों से शिमला शहर तक पहुंचने के लिए लोगों को दिक्कतें पेश आई। लोगों को पैदल ही गंत्वय स्थान के लिए पहुंचना पड़ा। बालूगंज, समरहिल, टुटू, चक्कर, विकासनगर, संजौली, मैहली, पंथाघाटी, कसुम्पटी क्षेत्रों के लिए काफी कम बसें चलीं। हालांकि बाजार कम होने के चलते पहले ही लोग कम संख्या में आए थे। लेकिन कई लोग अस्पताल, निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को बसें न चलने से दिक्कतें पेश आई। खासकर वे लोग जो ग्रामीण क्षेत्रों से शिमला आते हैं। निगम प्रबंधन का कहना है कि बसों के रूट क्लब करने के संबंध में पहले ही सूचित कर दिया गया था। उधर निजी बस आपरेटरों का कहना है कि शहर में दिन के समय सवारियां कम होने के चलते बसें कम थीं, लेकिन सुबह व शाम को बसें चलाई गई।

Edited By Jagran

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