पंचकर्म से सुधर रही जीवन पद्धति

-2011 से आयुर्वेद अस्पताल कुल्लू में पंचकर्म की सुविधाएं उपलब्ध -1 ही पंचकर्म विशेषज्ञ तैनात अस्पता

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 05:58 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 05:58 PM (IST)
पंचकर्म से सुधर रही जीवन पद्धति

-2011 से आयुर्वेद अस्पताल कुल्लू में पंचकर्म की सुविधाएं उपलब्ध

-1 ही पंचकर्म विशेषज्ञ तैनात, अस्पताल में पंचकर्म विशेषज्ञों के दो पद हैं सृजित

संवाद सहयोगी, कुल्लू : जिला कुल्लू में पंचकर्म से लोगों की जीवन पद्धति में काफी सुधार आ रहा है। एलोपैथी के साथ-साथ मरीजों का रुझान अब आयुर्वेद पद्धति की ओर ज्यादा बढ़ रहा है। जिले के आयुर्वेद अस्पताल में प्रतिदिन मरीज इलाज के साथ-साथ पंचकर्म विधि से भी उपचार करवा रहे हैं।

जिला के ढालपुर स्थित आयुर्वेद अस्पताल में आयुर्वेद पद्धति की ओर रुझान बढ़ने के साथ ही पंचकर्म की ओर लोग अग्रसर हो रहे हैं। अंग्रेजी व अन्य पद्धतियों से जुड़े चिकित्सा सुविधा ले रहे लोगों का झुकाव तेजी से आयुर्वेद की ओर बढ़ा है। इसका बड़ा कारण पंचकर्म सुविधा और बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकने वाली औषधियां हैं। जिले में गत 11 वर्षो में लगभग 12321 लोगों ने अपनी पुरानी से पुरानी बीमारियों का उपचार पंचकर्म विधि से करवाकर बीमारियों को जड़ से खत्म किया है। पहले जहां लोगों को पंचकर्म विधि से किसी बीमारी का उपचार करवाने के लिए केरल जैसे राज्यों की तरफ रुख करना पड़ता था, 2011 से आयुर्वेद अस्पताल कुल्लू में लोगों को पंचकर्म की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, तब से मरीजों की आयुर्वेद और पंचकर्म की तरफ रुचि बढ़ी है। आयुर्वेद अस्पताल कुल्लू में एक ही पंचकर्म विशेषज्ञ है। अस्पताल में पंचकर्म विशेषज्ञों के दो पद सृजित हैं, लेकिन एक विशेषज्ञ डा. मुनीष सूद के सहारे ही यह कार्य चला हुआ है, जबकि अन्य स्टाफ भी नहीं है। मरीजों की संख्या

2011,210

2012,1535

2013,1093

2014,874

2015,1079

2016,1106

2017,2792

2018,304

2019,2157

2020 मार्च तक 556

2021,615 क्या है पंचकर्म

आयुर्वेद में शोधन चिकित्सा को पंचकर्म चिकित्सा कहा गया है। इसका उपयोग रोग के उपचार के अलावा स्वस्थ रहने के लिए भी किया जाता है। आयुर्वेद चिकित्सकों के अनुसार बहुत से ऐसे रोग जिनकी निर्माण प्रक्रिया शरीर में बिना कोई लक्षण दिए चल रही होती है। उस स्थिति में पंचकर्म की प्रक्रियाओं का प्रयोग करने से व्यक्ति संचित दोषों के बाहर निकलने से रोग की उत्पत्ति से बच जाता है। आयुर्वेद अस्पताल कुल्लू में पंचकर्म पद्धति से खासकर जोड़ों का दर्द, पीठ का दर्द व मोटापे से ग्रसित मरीज अपना उपचार करवाने पहुंच रहे हैं।इस विधि से उपचार करवाने से काफी लाभ मिल रहा है।

-डा. बिहारी लाल शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कुल्लू।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept