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Maha Shivratri: ऐतिहासिक द्रोणाचार्य नगरी शिवबाड़ी में महाशिवरात्रि पर टूट गई वर्षों पुरानी परंपरा, पढ़ें खबर

Shivbadi Temple Gagret प्रसिद्ध धार्मिक स्थल एवं ऐतिहासिक द्रोणाचार्य नगरी शिवबाड़ी में पांडवों के इतिहास से चली आ रही हजारों वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई। इस बार महाशिवरात्रि पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को जलाभिषेक करने पर पूर्णतया रोक लगा दी।

By Rajesh Kumar SharmaEdited By: Published: Thu, 11 Mar 2021 11:04 AM (IST)Updated: Thu, 11 Mar 2021 11:04 AM (IST)
ऐतिहासिक द्रोणाचार्य नगरी शिवबाड़ी में पांडवों के इतिहास से चली आ रही हजारों वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई। इ

गगरेट, जेएनएन। Shivbadi Temple Gagret, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल एवं ऐतिहासिक द्रोणाचार्य नगरी शिवबाड़ी में पांडवों के इतिहास से चली आ रही हजारों वर्षों पुरानी परंपरा टूट गई। इस बार महाशिवरात्रि पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को जलाभिषेक करने पर पूर्णतया रोक लगा दी। सुबह से श्रद्धालु मंदिर में आ रहे हैं, लेकिन मंदिर का गर्भ गृह बंद रखा गया है। प्राचीन शिवलिंग तक इस बार किसी भी श्रद्धालु को जाने की इजाजत नहीं दी गई है। लोग आस्था के नाते मंदिर में आ रहे हैं, लेकिन बिना जल चढ़ाए ही मंदिर से लौट रहे हैं। हालांकि जिला के बाकी मंदिरों में इस तरह का कोई आदेश नहीं है। बाकी मंदिरों में लोग जलाभिषेक कर रहे हैं। लेकिन शिवबाड़ी में इस बार हजारों साल से चली आ रही जलाभिषेक की व्यवस्था बंद कर दी गई।

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कोविड के कारण मंदिरों को बंद किया गया था। शिवबाड़ी मंदिर सरकार के नियंत्रण में होने के कारण प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों के आधार पर ही इस मंदिर का संचालन किया जाता है। मंदिर पुजारी अजय शर्मा ने बताया अब तक कोविड प्रोटोकॉल के कारण मंदिर में जलाभिषेक की इजाजत किसी को नहीं दी गई है। बस मंदिर में पूजा करने का अधिकार पुजारी को है। इसके इलावा किसी भी बाहरी को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।


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