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शेष विश्व से कटा बड़ा भंगाल

तीन चार दिन से खराब मौसम के बाद बड़ा भंगाल और ऊपरी क्षेत्रों में हुई बर्फवारी से बड़ा भंगाल शेष विश्व से कट गया है।

Fri, 16 Nov 2018 11:52 AM (IST)
शेष विश्व से कटा बड़ा भंगाल

जेएनएन, बरोट। तीन-चार दिन से खराब मौसम के बाद बड़ा भंगाल और ऊपरी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी से बड़ा भंगाल शेष विश्व से कट गया है। जानकारी के मुताबिक थमसर जोत, ढूंडणी धार, डेहनसर, जालसू पनिहारटू, घोड़ लेटणू आदि स्थानों पर तीन से चार फुट बर्फबारी हुई है। घाटियों के ऊपरी भाग में भारी हिमपात तथा निचले भाग में बारिश होने से दोनों घाटियां प्रचंड ठंड की चपेट में आ गई हैं। समय पूर्व बर्फबारी की आशंका को देखते हुए दोनों घाटियों के लोग डिपुओं में मिलने वाले पांच माह के राशन व ईंधन की लकड़ी व पशुओं के चारे के भंडारण में जुट गए हैं।

बुधवार को भी दोपहर बाद हुई घाटियों के निचले भागों में भारी बारिश तथा देर रात को छोटा भंगाल घाटी के राजगुन्धा, कुकड़ गुन्धा, कुड़धार, श्पौहता, बड़ा ग्रां, नलहौता, कोठी कोहड़, भुज¨लग स्वाड़, अंदरली मलाह आदि दूरवर्ती गांवों एक से तीन इंच तक बर्फबारी हुई। वहीं घाटी के धरमाण, सरमाण, नेर, जुधार, छेरना, खड़ी मलाह दयोट,आदि गांवों में लगभग एक इंच ओलावृष्टि हुई।

सफेद चादर से लिपटा हिमानी चामुंडा
मौसम की पहली बर्फबारी से आदि हिमानी चामुंडा मंदिर परिसर भी सफेद चादर से ढक गया है। इस समय मंदिर के आस-पास सात इंच तक बर्फ चढ़ गई है। कड़ाके की ठंड और बर्फानी हवाओं के कारण मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य में भी बाधा पड़ने शुरू हो गई है। अभी भी मंदिर में लकड़ी की नक्काशी का कार्य करने वाले कुछ लोग मंदिर में ही हैं। ठेकेदार पल्लव मेहरा का कहना है कि यदि मौसम के तेवर इसी तरह बने रहे तो लेबर को वापिस बुलाना पड़ेगा। वहीं मंदिर अधिकारी सुमन धीमान ने बताया कि मौसम के हालात को देखते हुए मंदिर के कपाट कभी भी बंद किए जा सकते हैं।

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