नंदपुर भटोली में घनबन के लोग आज भी पक्की सड़क से हैं वंचित: अक्षय डढ़वाल

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अक्षय सिंह डढ़वाल ने सोमवार को पंचायत नंदपुर भटोली के अंतर्गत आने वाले गांव घनबन गांव का दौरा करते हुए लोगों की समस्याएं सुनते हुए माना कि घनबन गांव जोकि आजादी के बाद से ही मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है।

Richa RanaPublish: Mon, 17 Jan 2022 03:30 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 03:30 PM (IST)
नंदपुर भटोली में घनबन के लोग आज भी पक्की सड़क से हैं वंचित: अक्षय डढ़वाल

बिलासपुर (कांगड़ा), संवाद सूत्र। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अक्षय सिंह डढ़वाल ने सोमवार को पंचायत नंदपुर भटोली के अंतर्गत आने वाले गांव घनबन गांव का दौरा करते हुए लोगों की समस्याएं सुनते हुए माना कि घनबन गांव जोकि आजादी के बाद से ही मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। आज भी ग्रामीणों के लिए पक्की सड़क नहीं बन पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई बुजुर्ग बीमार हो जाता है तो उसे चारपाई पर कंधो पर ले जाना पड़ता है। इसी के चलते कई बुजुर्गों को उपचार ना मिलने की वजह से उनकी जान भी चली गई है। आज भी गांव में प्राथमिक चिकित्सालय नहीं है। सरकार द्वारा दी गई 108 एंबुलेंस की सुविधा भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है, जिसके चलते ग्रामीणों में काफी रोष है। गैस, सब्जी और किसी भी प्रकार का वाहन या टैक्सी गांव तक नहीं पहुंच पाता है। बरसात के समय महिलाओं का बुजुर्गों का घरों तक पहुंचना दुश्वार हो जाता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए आंगनबाड़ी की सुविधा भी घनबन में उपलब्ध नहीं है, हालांकि पंचायत नंदपुर भटोली में 7 आंगनबाड़ी है। घनबन के ग्रामीण अपने छोटे बच्चों को खराब सड़क की वजह से दूर आंगनबाड़ी में नहीं भेजना चाहते हैं। इसी वजह से बच्चे अशिक्षित रहते हैं, क्योंकि जब तक वह 6 साल के नहीं हो जाते वह प्राथमिक पाठशाला में नहीं जा सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घन बन के बच्चे किसी भी आंगनबाड़ी में नहीं जा पाते हैं उनके सिर्फ अभिभावक आंगनबाड़ी में राशन लेने के लिए बुलाए जाते हैं और वह भी 3 किलोमीटर दूर पैदल आना पड़ता है। लड़कियों की शादी के लिए जो भवन सरकार द्वारा बनाया गया है उसमें आंगनबाड़ी खुल सकती है और बच्चों को शिक्षा भी प्रदान की जा सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता वन विभाग के अंतर्गत आता है इसलिए एनओसी लेना अनिवार्य है और इस रास्ते पर किसी भी प्रकार का कोई पेड़ नहीं है और रास्ता लगभग 7 फुट चौड़ा और 500 मीटर लंबा है। डडवाल ने कहा कि एक तरफ जयराम सरकार दावा करती है कि अनुसूचित जाति को भिन्न भिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं लेकिन दूसरी तरफ अनुसूचित जाति का यह गांव घन वन मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। नंदपुर भटोली की पँचायत प्रधान तृप्ता देवी ने कहा कि इस सड़क के निर्माण का मामला मेरे नोटिस में है परंतु भूमि वन सरकार की होने के कारण अनुमति जरूरी है, जिससे बजट का मामला अटका हुआ है।

Edited By Richa Rana

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept