हिमाचल प्रदेश में 11 साल में बढ़ा महिला अपराध का ग्राफ, हत्या के मामलों में गिरावट, दुष्कर्म व छेड़छाड़ बढ़ी

Himachal Pradesh Woman Crime पहाड़ी राज्य हिमाचल में बेटियां असुरक्षित होने लगी हैं। पिछले 11 वर्ष के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि यहां साल दर साल अपराधों का ग्राफ बढ़ने लगा है। सुकून वाली बात यह कि हत्या के मामलों में गिरावट आई है

Rajesh Kumar SharmaPublish: Sun, 16 Jan 2022 07:12 AM (IST)Updated: Sun, 16 Jan 2022 08:11 AM (IST)
हिमाचल प्रदेश में 11 साल में बढ़ा महिला अपराध का ग्राफ, हत्या के मामलों में गिरावट, दुष्कर्म व छेड़छाड़ बढ़ी

शिमला, रमेश सिंगटा। Himachal Pradesh Woman Crime, पहाड़ी राज्य हिमाचल में बेटियां असुरक्षित होने लगी हैं। पिछले 11 वर्ष के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि यहां साल दर साल अपराधों का ग्राफ बढ़ने लगा है। सुकून वाली बात यह कि हत्या के मामलों में गिरावट आई है, लेकिन दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पुलिस के पास पहले से अधिक शिकायतें आने लगी हैं। इसकी वजह यह है कि आधी आबादी पहले से अधिक जागरूक हो गई हैं।

महिला अपराध

  • वर्ष,2011,2012,2013,2014,2015,2016,2017,2018, 2019,2020, 2021
  • हत्या,34,30,28,40,25,28,29,30,23,30,22
  • दुष्कर्म,168,183,250,284,244,244,249,345,360,331,328
  • अपहरण,191,152,288,243,243,191,248,346,334,283,329
  • छेड़छाड़,329,248,493,519,433,405,403,515,498,539,447
  • अत्याचार,239,251,328,325,226,214,191,185,229,258,203
  • कुल अपराध,1112,1024,1596,1576,1314,1216,1260,1617,1640,1654,1569

    नोट : पिछले वर्ष के आंकड़े नवंबर तक 11 माह के हैं।

केस स्टडी

कोटखाई छात्रा दुष्कर्म एवं हत्या मामला हिमाचल का सबसे चर्चित मामला रहा है। इसमें 2017 में पुलिस ने ही मामला दर्ज किया था, लेकिन एक आरोपित की कोटखाई के थाने की हवालात में मौत हो गई थी। जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा। हाईकोर्ट के आदेश से मामला सीबीआइ को सौंपा गया। सीबीआइ जांच में पुलिस की कहानी गलत साबित हुई। अब कोर्ट से भी दोषी नीलू को सजा हो चुकी है, लेकिन पीडि़त परिवार पुलिस और सीबीआइ दोनों की ही जांच से अब तक संतुष्ट नहीं है। दोनों ही पक्ष हाईकोर्ट में पहुंचे हैं। पीडि़त परिवार को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा।

सभी तरह के अपराध के तुलनात्मक आंकड़े

  • अपराध, 2021, 2020
  • हत्या,35,31
  • गैर इरादतन हत्या, 3,1
  • हत्या प्रयास,24,22
  • दुष्कर्म,130,107
  • अपहरण,164,115
  • दहेज उत्पीडऩ से मौत,3,0
  • महिला क्रूरता,81,92
  • लज्जा भंग करना,180,171
  • चोट पहुंचना,206,223
  • दंगा फसाद,146,136
  • हादसे,893,719
  • चोरी,166,156
  • सेंधमारी,94,113
  • डकैती,2,1
  • लूट,4,2

    अन्य अपराध,2896,4130

गुडिय़ा हेल्पलाइन हुई थी कारगर साबित

मौजूदा सरकार ने सत्ता के आने के बाद 26 जनवरी, 2018 को गुडिय़ा हेल्पलाइन स्थापित की। इसमें 1515 नंबर पर महिला अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। इसमें हजारों महिलाओं ने शिकायतें की, इनका समयबद्ध तरीके से निपटारा हुआ। लेेकिन, इस साल जून में यह सेवा 112 में तब्दील हो गई है। जबकि शक्ति ऐप फ्लाप साबित हुई। इसमें हजारों संदेश आए, लेकिन 95 प्रतिशत से अधिक काम के नहीं आए।

Edited By Rajesh Kumar Sharma

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